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Revised Common Lectionary (Complementary)

Daily Bible readings that follow the church liturgical year, with thematically matched Old and New Testament readings.
Duration: 1245 days
Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)
Version
भजन संहिता 130

आरोहण गीत।

हे यहोवा, मैं गहन कष्ट में हूँ
    सो सहारा पाने को मैं तुम्हें पुकारता हूँ।
मेरे स्वामी, तू मेरी सुन ले।
    मेरी सहायता की पुकार पर कान दे।
हे यहोवा, यदि तू लोगों को उनके सभी पापों का सचमुच दण्ड दे
    तो फिर कोई भी बच नहीं पायेगा।
हे यहोवा, निज भक्तों को क्षमा कर।
    फिर तेरी अराधना करने को वहाँ लोग होंगे।

मैं यहोवा की बाट जोह रहा हूँ कि वह मुझको सहायता दे।
    मेरी आत्मा उसकी प्रतीक्षा में है।
    यहोवा जो कहता है उस पर मेरा भरोसा है।
मैं अपने स्वामी की बाट जोहता हूँ।
    मैं उस रक्षक सा हूँ जो उषा के आने की प्रतीक्षा में लगा रहता है।
इस्राएल, यहोवा पर विश्वास कर।
    केवल यहोवा के साथ सच्चा प्रेम मिलता है।
यहोवा हमारी बार—बार रक्षा किया करता है।
    यहोवा इस्राएल को उनके सारे पापों के लिए क्षमा करेगा।

यशायाह 28:9-13

परमेश्वर अपने लोगों की सहायता करना चाहता है

वे कहा करते हैं, यह व्यक्ति कौन है यह किसे शिक्षा देने की कोशिश कर रहा है वह अपने सन्देश किसे समझा रहा है क्या उन बच्चों को जिनका अभी—अभी दूध छुड़ाया गया है क्या उन बच्चों को जिन्हें अभी—अभी अपनी माताओं की छाती से दूर किया गया है 10 इसीलिए यहोवा उन से इस प्रकार बोलता है जैसे वे दूध मुँहे बच्चे हों।

सौ लासौ सौ लासौ
काव लाकाव काव लाकाव
ज़ेईर शाम ज़ेईर शाम।[a]

11 फिर यहोवा उन लोगों से बात करेगा उसके होंठ काँपते हुए होंगे और वह उन लोगों से बातें करने में दूसरी विचित्र भाषा का प्रयोग करेगा।

12 यहोवा ने पहले उन लोगों से कहा था, “यहाँ विश्राम का एक स्थान है। थके मांदे लोगों को यहाँ आने दो और विश्राम पाने दो। यह शांति का ठौर है।” किन्तु लोगों ने परमेश्वर की सुननी नहीं चाही। 13 सो परमेश्वर के वचन किसी विचित्र भाषा के जैसे हो जाएँगे।

“सौ लासौ सौ लासौ
काव लाकाव काव लाकाव
ज़ेईर शाम ज़ेईर शाम।”

सो लोग जब चलेंगे तो पीछे की ओर लुढ़क जाएँगे और जख्मी होंगे। लोगों को फँसा लिया जाएगा और वे पकड़े जाएँगे।

1 पतरस 4:7-19

अच्छे प्रबन्ध-कर्ता बनो

वह समय निकट है जब सब कुछ का अंत हो जाएगा। इसलिए समझदार बनो और अपने पर काबू रखो ताकि तुम्हें प्रार्थना करने में सहायता मिले। और सबसे बड़ी बात यह है कि एक दूसरे के प्रति निरन्तर प्रेम बनाये रखो क्योंकि प्रेम से अनगिनत पापों का निवारण होता है। बिना कुछ कहे सुने एक दूसरे का स्वागत सत्कार करो। 10 जिस किसी को परमेश्वर की ओर से जो भी वरदान मिला है, उसे चाहिए कि परमेश्वर के विविध अनुग्रह के उत्तम प्रबन्धकों के समान, एक दूसरे की सेवा के लिए उसे काम में लाए। 11 जो कोई प्रवचन करे वह ऐसे करे, जैसे मानो परमेश्वर से प्राप्त वचनों को ही सुना रहा हो। जो कोई सेवा करे, वह उस शक्ति के साथ करे, जिसे परमेश्वर प्रदान करता है ताकि सभी बातों में यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर की महिमा हो। महिमा और सामर्थ्य सदा सर्वदा उसी की है। आमीन!

मसीही के रूप में दुःख उठाना

12 हे प्रिय मित्रों, तुम्हारे बीच की इस अग्नि-परीक्षा पर जो तुम्हें परखने को है, ऐसे अचरज मत करना जैसे तुम्हारे साथ कोई अनहोनी घट रही हो, 13 बल्कि आनन्द मनाओ कि तुम मसीह की यातनाओं में हिस्सा बटा रहे हो। ताकि जब उसकी महिमा प्रकट हो तब तुम भी आनन्दित और मगन हो सको। 14 यदि मसीह के नाम पर तुम अपमानित होते हो तो उस अपमान को सहन करो क्योंकि तुम मसीह के अनुयायी हो, तुम धन्य हो क्योंकि परमेश्वर की महिमावान आत्मा तुममें निवास करती है। 15 इसलिए तुममें से कोई भी एक हत्यारा, चोर, कुकर्मी अथवा दूसरे के कामों में बाधा पहुँचाने वाला बनकर दुःख न उठाए। 16 किन्तु यदि वह एक मसीही होने के नाते दुःख उठाता है तो उसे लज्जित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे तो परमेश्वर को महिमा प्रदान करनी चाहिए कि वह इस नाम को धारण करता है। 17 क्योंकि परमेश्वर के अपने परिवार से ही आरम्भ होकर न्याय प्रारम्भ करने का समय आ पहुँचा है। और यदि यह हमसे ही प्रारम्भ होता है तो जिन्होंने परमेश्वर के सुसमाचार का पालन नहीं किया है, उनका परिणाम क्या होगा?

18 “यदि एक धार्मिक व्यक्ति का ही उद्धार पाना कठिन है
    तो परमेश्वर विहीन और पापियों के साथ क्या घटेगा।”(A)

19 तो फिर जो परमेश्वर की इच्छानुसार दुःख उठाते हैं, उन्हें उत्तम कार्य करते हुए, उस विश्वासमय, सृष्टि के रचयिता को अपनी-अपनी आत्माएँ सौंप देनी चाहिए।

Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)

© 1995, 2010 Bible League International