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Duration: 365 days
Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)
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होशे 1-7

होशे के द्वारा यहोवा परमेश्वर का सन्देश

यह यहोवा का वह सन्देश है, जो बेरी के पुत्र होशे के द्वारा प्राप्त हुआ। यह सन्देश उस समय आया था जब यहूदा में उज्जियाह, योताम, आहाज और हिजकिय्याह का राज्य था। यह उन दिनों की बात है जब इस्राएल के राजा योआश के पुत्र यारोबाम का समय था।

होशे के लिये यह यहोवा का पहला सन्देश था। यहोवा ने कहा, “जा, और एक वेश्या से विवाह कर ले फिर उस वेश्या से संतान पैदा कर। क्यों क्योंकि इस देश के लोग वेश्या का सा आचरण कर रहे हैं। वे यहोवा के प्रति सच्चे नहीं रहे हैं। उन्होंने यहोवा को त्याग दिया है।”

यिज्रेल का जन्म

सो होशे ने दिबलैम की पुत्री गोमेर से विवाह कर लिया। गोमेर गर्भवती हुई और उसने होशे के लिये एक पुत्र को जन्म दिया। यहोवा ने होशे से कहा, “इसका नाम यिज्रेल रखो। क्यों क्योंकि मैं शीघ्र ही यिज्रेल घाटी में की गई हत्याओं के लिये येहू के परिवार को दण्ड दूँगा फिर इसके बाद इस्राएल के वंश के राज्य का अंत कर दूँगा। उसी समय यिज्रेल घाटी में, मैं इस्राएल के धनुष को तोड़ दूँगा।”

लोरूहामा का जन्म

इसके बाद गोमेर फिर गर्भवती हुई और उसने एक कन्या को जन्म दिया। यहोवा ने होशे से कहा, “इस कन्या का नाम लोरूहामा रख। क्यों क्यौंकि मैं अब इस्राएल के वंश पर और अधिक दया नहीं दिखाऊँगा। मैं उन्हें क्षमा नहीं करूँगा। बल्कि मैं तो यहूदा के वंश पर दया दिखाऊँगा। मैं यहूदा के वंश की रक्षा करूँगा। किन्तु उनकी रक्षा के लिये मैं न तो धनुष और तलवार का प्रयोग करूँगा और न ही युद्ध के घोड़ों और सैनिकों का, मैं स्वयं अपनी शक्ति से उन्हें बचाऊँगा।”

लोअम्मी का जन्म

गोमेर ने अभी लोरूहामा को दूध पिलाना छोड़ा ही था कि वह फिर गर्भवती हो गयी। सो उसने एक पुत्र को जन्म दिया। इसके बाद यहोवा ने कहा, “इसका नाम लोअम्मी रख। क्यों क्योंकि तुम मेरी प्रजा नहीं हो और मैं तुम्हारा परमेश्वर नहीं हूँ।”

परमेश्वर यहोवा का वचनःइस्राएली असंख्य होंगे

10 “भविष्य में, इस्राएल की प्रजा इतनी अधिक हो जायेगी जितने सागर के रेत के कण होते हैं। वह रेत जो न तो नापी जा सकती है, और न ही जिसकी गिनती की जा सकती है। फिर उसी स्थान पर जहाँ उनसे यह कहा गया था, ‘तुम मेरी प्रजा नही हो,’ उनसे यह कहा जायेगा, ‘तुम जीवित परमेश्वर की संतानें हो।’

11 “इसके बाद यहूदा और इस्राएल के लोग एक साथ इकट्ठे किये जायेंगे। वे अपने लिये एक शासक का चुनाव करेंगे। उस धरती के हिसाब से उनकी प्रजा अधिक हो जायेगी! यिज्रेल का दिन वास्तव में एक महान दिन होगा।”

“फिर तुम अपने भाई—बंधुओं से कहा करोगे, ‘तुम मेरी प्रजा हो’ और अपनी बहनों को बताया करोगे, ‘उसने मुझ पर दया दिखाई है।’”

“अपनी माँ के साथ विवाद करो! क्योंकि वह मेरी पत्नी नहीं है! और नही मैं उसका पति हूँ! उससे कहो कि वह वेश्या न बनी रहे। उससे कहो कि वह अपने प्रेमियों को अपनी छातियों के बीच से दूर हटा दे। यदि वह अपने इस व्यभिचार को छोड़ने से मना करे तो मैं उसे एक दम नंगा कर दूँगा। मैं उसे वैसा करके छोड़ूँगा जैसा वह उस दिन थी, जब वह पैदा हुई थी। मैं उसके लोगों को उससे छींन लूँगा और वह ऐसी हो जायेगी जैसे कोई वीरान रेगिस्तान होता है। मैं उसे प्यासा मार दूँगा। मैं उसकी संतानों पर कोई दया नहीं दिखाऊँगा क्योंकि वे व्यभिचार की संताने होंगी। उनकी माँ ने वेश्या का सा आचरण किया है। उनकी माँ को, जो काम उसने किये हैं, उनके लिये लज्जित होना चाहिये। उसने कहा था, ‘मैं अपने प्रेमियों के पास चली जाऊँगी। मेरे प्रेमी मुझे खाने और पीने को देते हैं। वे मुझे ऊन और सन देते हैं। वे मुझे दाखमधु और जैतून का तेल देते हैं।’

“इसलिये, मैं (यहोवा) तेरी (इस्राएल) राह काँटों से भर दूँगा। मैं एक दीवार खड़ी कर दूँगा। जिससे उसे अपना रास्ता ही नहीं मिल पायेगा। वह अपने प्रेमियों के पीछे भागेगी किन्तु वह उन्हें प्राप्त नही कर सकेगी। वह अपने प्रेमियों को ढूँढ़ती फिरेगी किन्तु उन्हे ढूँढ़ नहीं पायेगी। फिर वह कहेगी, ‘मैं अपने पहले पति (परमेश्वर) के पास लौट जाऊँगी। जब मैं उसके साथ थी, मेरी जीवन बहुत अच्छा था। आज की अपेक्षा, उन दिनों मेरा जीवन अधिक सुखी था।’

“वह (इस्राएल) यह नहीं जानती थी कि मैं (यहोवा) ही उसे अन्न, दाखमधु और तेल दिया करता था। मैं उसे अधिक से अधिक चाँदी और सोना देता रहता था। किन्तु इस्राएल के लोगों ने उस चाँदी और सोने का प्रयोग बाल की मूर्तियाँ बनाने में किया। इसलिये मैं (यहोवा) वापस आऊँगा और अपने अनाज को उस समय वापस ले लूँगा जब वह पक कर कटनी के लिये तैयार होगा। मैं उस समय अपने दाखमधु को वापस ले लूँगा जब अँगूर पक कर तैयार होंगे। अपनी ऊन और सन को भी मैं वापस ले लूँगा। ये वस्तुएँ मैंने उसे इसलिये दी थीं कि वह अपने नंगे तन को ढक ले। 10 अब मैं उसे वस्त्र विहीन करके नंगा कर दूँगा ताकि उसके सभी प्रेमी उसे देख सकें। कोई भी व्यक्ति उसे मेरी शक्ति से बचा नही पायेगा। 11 मैं (परमेश्वर) उससे उसकी सारी हँसी खुशी छींन लूँगा। मैं उसके वार्षिक उत्सवों, नये चाँद की दावतों और विश्राम के दिनों के उत्सवों का अंत कर दूँगा। मैं उसकी सभी विशेष दावतों को रोक दूँगा। 12 उसकी अँगूर की बेलों और अंजीर के वृक्षों को मैं नष्ट कर दूँगा। उसने कहा था, ‘ये वस्तुएँ मेरे प्रेमियों ने मुझे दी थीं।’ किन्तु अब मैं उसके बगीचों को बदल डालूँगा। वे किसी उजड़े जंगल जैसा हो जायेंगे। उन वृक्षों से जंगली जानवर आकर अपनी भूख मिटाया करेंगे।

13 “वह बाल की सेवा किया करती थी, इसलिये मैं उसे दण्ड दूँगा। वह बाल देवताओं के आगे धूप जलाया करती थी। वह आभूषणों से सजती और नथ पहना करती थी। फिर वह अपने प्रेमियों के पास जाया करती और मुझे भूल जाती।” यहोवा ने यह कहा था।

14 “इसलिये मैं (यहोवा) उसकी मनुहार करूँगा। मैं उसे रेगिस्तान में ले जाऊँगा। मैं उसके साथ दयापूर्वक बाते करूँगा। 15 वहाँ मैं उसे अंगूर के बगीचे दूँगा। आशा के द्वार के रूप में मैं उसे आकोर की घाटी दे दूँगा। फिर वह मुझे उसी प्रकार उत्तर देगी जैसे उस समय दिया करती थी, जव वह मिस्र से बाहर आयी थी।” 16 यहोवा ने यह बताया है।

“उस अवसर पर, तू मुझे ‘मेरा पति’ कह कर पुकारेगी। तब तू मुझे ‘मेरे बाल’ नहीं कहेगी। 17 बाल देवताओं के नामों को उसके मुख पर से दूर हटा दूँगा। फिर लोग बाल देवताओं के नाम नहीं लिया करेंगे।

18 “फिर, मैं इस्राएल के लोगों के लिये जंगल के पशुओं, आकाश के पक्षियों, और धरती पर रेंगने वाले प्राणियों के साथ एक वाचा करूँगा। मैं धनुष, तलवार और युद्ध के अस्त्रों को तोड़ फेंकूँगा। कोई अस्त्र—शस्त्र उस धरती पर नहीं बच पायेगा। मैं उस धरती को सुरक्षित बना दूँगा जिससे इस्राएल के लोग शांति के साथ विश्राम कर सकेंगे। 19 मैं (यहोवा) तुझे सदा—सदा के लिये अपनी दुल्हन बना लूँगा। मैं तुझे नेकी, खरेपन, प्रेम और करुणा के साथ अपनी दुल्हन बना लूँगा। 20 मैं तुझे अपनी सच्ची दुल्हन बनाऊँगा। तब तू सचमुच यहोवा को जान जायेगी 21 उस समय, मैं तुझे उत्तर दूँगा।” यहोवा ऐसा कहता है:

“मैं आकाशों से कहूँगा
    और वे धरती को वर्षा देंगे।
22 धरती अन्न, दाखमधु और तेल उपजायेगी
    और वे यिज्रेल की मांग पूरी करेंगे।
23 मैं उसकी धरती पर बहुतेरे बीजों को बोऊँगा।
    मैं लोरूहामा पर दया दिखाऊँगा:
मैं लोअम्मी से कहूँगा ‘तू मेरी प्रजा है’
    और वे मुझसे कहेंगे, ‘तु हमारा परमेश्वर है।’”

होशे का गोमेर को दासता से छुड़ाना

इसके बाद यहोवा ने मुझसे फिर कहा, “यद्यपि गोमेर के बहुत से प्रेमी हैं। किन्तु तुझे उससे प्रीत बनाये रखनी चाहिये। क्यों क्योंकि यह तेरा यहोवा कासा आचरण होगा। यहोवा इस्राएल की प्रजा पर अपना प्रेम बनाये रखता है किन्तु इस्राएल के लोग अन्य देवताओं की पूजा करते रहते हैं और वे दाख के पुओं को खाना पसन्द करते हैं।”

सो मैंने गोमेर को चाँदी के पन्द्रह सिक्कों और नौ बुशल जौ के बदले खरीद लिया। फिर उससे कहा, “तुझे घर में मेरे साथ बहुत दिनों तक रहना है। तुझे किसी वेश्या के जैसा नहीं होना चाहिये। किसी पराये पुरूष के साथ नहीं रहना है। मैं तभी वास्तव में तेरा पति बनूँगा।”

इसी प्रकार, इस्राएल के लोग बहुत दिनों तक बिना किसी राजा या मुखिया के रहेंगे। वे बिना किसी बलिदान अथवा बिना किसी स्मृति पत्थर के रहेंगे। उनके पास कोई याजकों की पोशाक नहीं होगी या उनके कोई गृह देवता नहीं होंगे। इसके बाद इस्राएल के लोग वापस लौट आयेंगे और तब वे अपने यहोवा परमेश्वर और अपने राजा दाऊद की खोज करेंगे। अंतिम दिनों में वे यहोवा को और उसकी नेकी को आदर देने आयेंगे।

इस्राएल पर यहोवा का कोप

हे इस्राएल के लोगों, यहोवा के सन्देश को सुनो! यहोवा इस देश में रहने वाले लोगों के विरूद्ध अपने तर्क बतायेगा। वास्तव में इस देश के लोग परमेश्वर को नहीं जानते। ये लोग परमेश्वर के प्रति सच्चे और निष्ठावान नहीं हैं। ये लोग कसमें खाते हैं, झूठ बोलते हैं, हत्याएँ करते हैं और चोरियाँ करते हैं। वे व्यभिचार करते हैं और फिर उससे उनके बच्चे होते हैं। ये लोग एक के बाद एक हत्याएँ करते चले जाते हैं। इसलिये यह देश ऐसा हो गया है जैसा किसी की मृत्यु के ऊपर रोता हुआ कोई व्यक्ति हो। यहाँ के सभी लोग दुर्बल हो गये हैं। यहाँ तक कि जंगल के पशु, आकाश के पक्षी और सागर की मछलियाँ मर रही हैं। किसी एक व्यक्ति को किसी दूसरे पर न तो कोई अभियोग लगाना चाहिये और न ही कोई दोष मढ़ना चाहिये। हे याजक, मेरा तर्क तुम्हारे विरूद्ध है! हे याजकों, तुम्हारा पतन दिन के समय होगा और रात के समय तुम्हारे साथ नबी का भी पतन हो जायेगा और मैं तुम्हारी माता को नष्ट कर दूँगा।

“मेरी प्रजा का विनाश हुआ क्योंकि उनके पास कोई ज्ञान नहीं था किन्तु तुमने तो सीखने से ही मना कर दिया। सो मैं तुम्हें अपना याजक बनने का निषेध कर दूँगा। तुमने अपने परमेश्वर के विधान को भुला दिया है। इसलिये मैं तुम्हारी संतानों को भूल जाऊँगा। वे अहंकारी हो गये! मेरे विरूद्ध वे पाप करते चले गये। इसलिये मैं उनकी महिमा को लज्जा में बदल दूँगा।

“याजकों ने लोगों के पापों में हिस्सा बंटाया। वे उन पापों को अधिक से अधिक चाहते चले गये। इसलिये याजक लोगों से कोई भिन्न नही रह गये थे। मैं उन्हें उनके कर्मो का दण्ड दूँगा। उन्होंने जो बुरे काम किये हैं, मैं उनसे उनका बदला चुकाऊँगा। 10 वे खाना तो खायेंगे किन्तु उन्हे तृप्ति नहीं होगी! वे वेश्यागमन तो करेंगे किन्तु उनके संतानें नहीं होंगी। ऐसा क्यों क्योंकि उन्होंने यहोवा को त्याग दिया और वे वेश्याओं के जैसा हो गये।

11 “व्यभिचार, तीव्र मदिरा और नयी दाखमधु किसी व्यक्ति की सीधी तरह से सोचने की शक्ति को नष्ट कर देते हैं। 12 देखों, मेरे लोग लकड़ी के टुकड़ों से सम्मति माँगते हैं। वे सोचते हैं कि ये छड़ियाँ उन्हें उत्तर देंगी। ऐसा क्यों हो गया ऐसा इसलिये हुआ कि वे वेश्याओं के समान उन झूठे देवताओं के पीछे पड़े रहे। उन्होंने अपने परमेश्वर को त्याग दिया और वे वेश्याओं जैसे बन बैठे। 13 वे पहाड़ों की चोटियों पर बलियाँ चढ़ाया करते हैं। पहाड़ियों के ऊपर बाँज, चिनार तथा बाँज के पेड़ों के तले धूप जलाते हैं। उन पेड़ों तले की छाया अच्छी दिखती है। इसलिये तुम्हारी पुत्रियाँ वेश्याओं की तरह उन पेड़ों के नीचे सोती हैं और तुम्हारी बहुएँ वहाँ पाप पूर्ण यौनाचार करती हैं।

14 “मैं तुम्हारी पुत्रियों को वेश्याएँ बनने के लिये अथवा तुम्हारी बहुओं को पापपूर्ण यौनाचार के लिये दोष नहीं दे सकता। लोग वेश्याओं के पास जाकर उनके साथ सोते हैं और फिर वे मन्दिर की वेश्याओं के पास जाकर बलियाँ अर्पित कर देते हैं। इस प्रकार वे मूर्ख लोग स्वयं अपने आपको ही तबाह कर रहे हैं।

इस्राएल के लज्जापूर्ण पाप

15 “हे इस्राएल, तू एक वेश्या के समान आचरण करती है। किन्तु यहूदा को अपराधी मत बनने दे। तू गिलगाल अथवा बेतावेन के पास मत जा। यहोवा के नाम पर कसमें मत खा। ऐसा मत कह, ‘यहोवा के जीवन की सौगन्ध!’ 16 इस्राएल को यहोवा ने बहुत सी वस्तुएँ दी थीं। यहोवा एक ऐसे गड़ेरिये के समान है जो अपनी भेड़ों को घास से भरपूर एक बड़े से मैदान की ओर ले जाता है। किन्तु इस्राएल जिद्दी है। इस्राएल उस जवान बछड़े के समान है जो बार—बार, इधर—उधर भागता है।

17 “एप्रैम भी उसकी मूर्तियों में उसका साथी बन गया। सो उसे अकेला छोड़ दो। 18 एप्रैम ने उनकी मदमत्तता में हिस्सा बटाया। उन्हें वेश्याएँ बने रहने दो। रहने दो उन्हें उनके प्रेमियों के साथ। 19 वे उन देवताओं की शरण में गये और उनकी विचार शक्ति जाती रही। उनकी बलियाँ उनके लिये शर्मिंदगी लेकर आई।

मुखियाओं ने इस्राएल और यहूदा से पाप करवाये

“हे याजकों, इस्राएल के वंशजो, तथा राजा के परिवार के लोगों, मेरी बात सुनो।

“तुम मिसपा में जाल के समान हो। तुम ताबोर की धरती पर फैलाये गये फँदे जैसे हो। तुमने अनेकानेक कुकर्म किये हैं। इसलिये मैं तुम सबको दण्ड दूँगा! मैं एप्रैम को जानता हूँ। मैं उन बातों को भी जानता हूँ जो इस्राएल ने की हैं। हे एप्रैम, तू अब तक एक वेश्या के जैसा आचरण करता है। इस्राएल पापों से अपवित्र हो गया है। इस्राएल के लोगों ने बहुत से बुरे कर्म किये हैं और वे बुरे कर्म ही उन्हें परमेश्वर के पास फिर लौटने से रोक रहे हैं। वे सदा ही दूसरे देवताओं के पीछे पीछे दौड़ते रहने के रास्ते सोचते रहते हैं। वे यहोवा को नहीं जानते। इस्राएल का अहंकार ही उनके विरोध में एक साक्षी बन गया है। इसलिये इस्राएल और एप्रैम का उनके पापों में पतन होगा किन्तु उनके साथ ही यहूदा भी ठोकर खायेगा।

“लोगों के मुखिया यहोवा की खोज में निकल पड़ेंगे। वे अपनी भेड़ों और गायों को भी अपने साथ ले लेंगे किन्तु वे यहोवा को नहीं पा सकेंगे। ऐसा क्यो क्योंकि यहोवा ने उन्हें त्याग दिया था। वे यहोवा के प्रति सच्चे नहीं रहे थे। उनकी संतानें किसी पराये की थीं। सो अब वह उनका और उनकी धरती का फिर से विनाश करेगा।”

इस्राएल के विनाश की भविष्यवाणी

तुम गिबाह में नरसिंगे को फूँको,
    रामा में तुम तुरही बजाओ,
बतावेन में तुम चेतावनी दो।
    बिन्यामीन, शत्रु तुम्हारे पीछे पड़ा है।
एप्रैम दण्ड के समय में
    उजाड़ हो जायेगा।
हे इस्राएल के घरानो मैं (परमेश्वर) तुम्हें सचेत करता हूँ
    कि निश्चय ही वे बातें घटेंगी।
10 यहोदा के मुखिया चोर से बन गये हैं।
    वे किसी और व्यक्ति की धरती चुराने का जतन करते रहते हैं।
इसलिये मैं (परमेश्वर) उन पर क्रोध पानी सा उंडेलूँगा।
11 एप्रैम दण्ड़ित किया जायेगा,
    उसे कुचला और मसला जायेगा जैसे अंगूर कुचले जाते हैं।
    क्योंकि उसने निकम्मे का अनुसरण करने का निश्चय किया था।
12 मैं एप्रैम को ऐसे नष्ट कर दूँगा जैसे कोई कीड़ा किसी कपड़े के टुकड़े को बिगाड़े।
    यहूदा को मैं वैसे नष्ट कर दूँगा जैसे सड़ाहट किसी लकड़ी के टुकड़े को बिगाड़े।
13 एप्रैम अपना रोग देख कर और यहूदा अपना घाव देख कर
    अश्शुर की शरण पहुँचेंगे।
उन्होने अपनी समस्याएँ उस महान राजा को बतायी थी।
    किन्तु वह राजा तुझे चंगा नहीं कर सकता, वह तेरे घाव को नहीं भर सकता है।
14 क्योंकि मैं एप्रैम के हेतु सिंह सा बनूँगा
    और मैं यहूदा की जाति के लिये एक जवान सिंह बनूँगा।
मैं—हाँ, मैं (यहोवा) उनके चिथड़े उड़ा दूँगा।
मैं उनको दूर ले जाऊँगा,
    मुझसे कोई भी उनको बचा नहीं पायेगा।
15 फिर मैं अपनी जगह लौट जाऊँगा
    जब तक कि वे लोग स्वंय को अपराधी नहीं मानेंगे,
    जब तक वे मुझको खोजते न आयेंगे।
हाँ! अपनी विपत्तियों में वे मुझे ढूँढ़ने का कठिन जतन करेंगे।

यहोवा की ओर लौट आने का प्रतिफल

आओ, हम यहोवा के पास लौट आयें।
    उसने आघात दिये थे वही हमें चंगा करेगा।
    उसने हमें आघात दिये थे वही उन पर मरहम भी लगायेगा।
दो दिन के बाद वही हमें फिर जीवन की ओर लौटायेगा।
    तीसरे दिन वह ही हमें उठा कर खड़ा करेगा,
    हम उसके सामने फिर जी पायेंगे।
आओ, यहोवा के विषय में जानकारी करें।
    आओ, यहोवा को जानने का कठिन जतन करें।
हमको इसका पता है कि वह आ रहा है
    वैसे ही जैसे हम को ज्ञान है कि प्रभात आ रहा है।
यहोवा हमारे पास वैसे ही आयेगा जैसे कि
    बसंत कि वह वर्षा आती है जो धरती को सींचती है।

लोग सच्चे नहीं हैं

हे एप्रैम, तुम ही बताओ कि मैं (यहोवा) तुम्हारे साथ क्या करूँ?
    हे यहूदा, तुम्हारे साथ मुझे क्या करना चाहिये?
तुम्हारी आस्था भोर की धुंध सी है।
    तुम्हारी आस्था उस ओस की बूँद सी है जो सुबह होते ही कही चली जाती है।
मैंने नबियों का प्रयोग किया
    और लोगों के लिये नियम बना दिये।
मेरे आदेश पर लोगों का वध किया गया
    किन्तु इन निर्णयों से भली बाते ऊपजेंगी।
क्योंकि मुझे सच्चा प्रेम भाता है
    न कि मुझे बलियाँ भाती हैं,
मुझे भाता है कि परमेश्वर का ज्ञान रखें,
    न कि वे यहाँ होमबलियाँ लाया करें।
किन्तु लोगों ने वाचा तोड़ दी थी जैसे उसे आदम ने तोड़ा था।
    अपने ही देश में उन्होंने मेरे संग विश्वासघात किया।
गिलाद उन लोगों की नगरी है, जो पाप किया करते हैं।
    वहाँ के लोग चालबाज हैं और वे औरों की हत्या करते हैं।
जैसे डाकू किसी की घात में छुपे रहते हैं कि उस पर हमला करें,
    वैसे ही शकेम की राह पर याजक घात में बैठे रहते हैं।
जो लोग वहाँ से गुजरते हैं वे उन्हें मार डालते हैं।
    उन्होंने बुरे काम किये हैं।
10 इस्राएल की प्रजा में मैंने भयानक बात देखी है।
एप्रैम परमेश्वर के हेतू सच्चा नहीं रहा था।
    इस्राएल पाप से दोषयुक्त हो गया है।
11 यहूदा, तेरे लिये भी एक कटनी का समय है।
    यह उस समय होगा, जब मैं अपने लोगों को बंधुआयी से लौटा कर लाऊँगा।

“मैं इस्राएल को चंगा करूँगा!
    लोग एप्रैम के पाप जान जायेंगे,
लोगों के सामने शोमरोन के झूठ उजागर होंगे।
    लोग उन चारों के बारे में जान जायेंगे जो नगर में आते जाते रहते हैं।
लोगों को विश्वास नहीं है कि मैं उनके अपराधों की याद करूँगा।
    वे सब ओर से अपने किये बुरे कामों से घिरे हैं।
    मुझको उनके वे बुरे कर्म साफ—साफ दिख रहे हैं।
वे अपने कुकर्मों से निज राजा को प्रसन्न रखते हैं।
    वे झूठे देवों की पूजा कर के अपने मुखियाओं को खुश करते हैं।
तंदूर पर पकाने वाला रोटी के लिये आटा गूँथता है।
    वह तंदूर में रोटी रखा करता है।
किन्तु वह आग को तब तक नहीं दहकाता
    जब तक की रोटी फूल नहीं जाती है।
किन्तु इस्राएल के लोग उस नान बाई से नहीं हैं।
    इस्राएल के लोग हर समय अपनी आग दहकाये रखते हैं।
हमारे राजा के दिन वे अपनी आग दहकाते हैं, अपनी दाखमधु की दावतें वे दिया करते हैं।
    मुखिया दाखमधु की गर्मी से दुखिया गये हैं।
    सो राजाओं ने उन लोगों के साथ हाथ मिलाया है जो परमेश्वर की हँसी करते हैं।
लोग षडयंत्र रचा करते हैं।
    उनके उत्तेजित मन भाड़ से धधकते हैं।
उनकी उत्तेजनायें सारी रात धधका करती हैं,
    और सुबह होते होते वह जलती हुई आग सी तेज हो जाती हैं।
वे सारे लोग भभकते हुये भाड़ से हैं,
    उन्होंने अपने राजाओं को नष्ट किया था।
उनके सब शासको का पतन हुआ था।
    उनमें से कोई भी मेरी शरण में नहीं आया था।”

इस्राएल अपने नाश से बेसुध

एप्रैम दूसरी जातियों के संग मिला जुला करता है।
    एप्रैम उस रोटी सा है जिसे दोनो ओर से वहीं सेका गया है।
एप्रैम का बल गैरों ने नष्ट किया है
    किन्तु एप्रैम को इसका पता नहीं है।
सफेद बाल भी एप्रैम पर छिटका दिये गये हैं
    किन्तु एप्रैम को इसका पता नहीं है।
10 एप्रैम का अहंकार उसके विरोध में बोलता है।
    लोगों ने बहुतेरी यातनायें झेली हैं
किन्तु वे अब भी अपने परमेश्वर यहोवा के पास नहीं लौटे हैं।
    लोग उसकी शरण में नहीं गये थे।
11 एप्रैम उस भोले कपोत सा बन गया है जिसके पास कुछ भी समझ नहीं होती है।
    लोगों ने मिस्र से सहायता मांगी
    और लोग अश्शूर की शरण में गये।
12 वे उन देशों की शरण में जाते हैं
    किन्तु मैं जाल में उनको फसाऊँगा,
मैं अपना जाल उनके ऊपर फेंकूँगा।
    मैं उनको ऐसे नीचे खींच लूँगा जैसे गगन के पक्षी खेंच लिये जाते हैं।
    मैं उनको उनकी वाचाओं का दण्ड दूँगा।
13 यह उनके लिये बुरा होगा
    उन्होंने मुझको मेरी बात मानने से इनकार किया।
इसलिये उनको मिटा दिया जायेगा।
    मैंने उन लोगों को बचाया था किन्तु वे मेरे विरोध में झूठ बोलते हैं।
14 वे कभी मन से मुझे नहीं पुकारते हैं।
    हाँ, बिस्तर में पड़े हुए वे पुकारा करते हैं।
जब वे नया अन्न और नयी दाखमधु मांगते हैं तब पूजा के अंग के रूप में वे अपने अगों को स्वंय काटा करते हैं।
    किन्तु वे अपने हृदय में मुझ से दूर हुये हैं।
15 मैंने उन्हें सधाया था और उनकी भुजा बलशाली बनायी थी,
    किन्तु उन्हेंने मेरे विरोध में षड़यंत्र रचे।
16 वे झूठे देवों की ओर मुड़ गये।
    वे उस धुनष के समान बने जो झूठे लक्ष्य भेद करता है।
उनके मुखियालोग अपनी ही शक्ति की शेखी बघारते थे,
    किन्तु उन्हें तलवार के घाट उतारा जायेगा।
    फिर लोग मिस्र में उन पर हँसेंगे।

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