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Read the Bible from start to finish, from Genesis to Revelation.
Duration: 365 days
Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)
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यिर्मयाह 42-45

42 जब वे गेरथ किम्हाम में थे योहानान और होशायाह का पुत्र याजन्याह नामक एक व्यक्ति यिर्मयाह नबी के पास गए। योहानान और याजन्याह के साथ सभी सैनिक अधिकारी गए। बड़े से लेकर बहुत छोटे तक सभी व्यक्ति यिर्मयाह के पास गए। उन सभी लोगों ने उससे कहा, “यिर्मयाह, कृपया सुन जो हम कहते हैं। अपने परमेश्वर यहोवा से, यहूदा के परिवार के इन सभी बचे व्यक्तियों के लिये प्रार्थना करो। यिर्मयाह, तुम देख सकते हो कि हम लोगों में बहुत अधिक नहीं बचे हैं। किसी समय हम बहुत अधिक थे। यिर्मयाह, अपने परमेश्वर यहोवा से यह प्रार्थना करो कि वह बताये कि हमें कहाँ जाना चाहिये और हमें क्या करना चाहिये।”

तब यिर्मयाह नबी ने उत्तर दिया, “मैं समझता हूँ कि तुम मुझसे क्या कराना चाहते हो। मैं तुम्हारे परमेश्वर यहोवा से वही प्रार्थना करूँगा जो तुम मुझसे करने को कहते हो। मैं हर एक बात, जो यहोवा कहेगा बताऊँगा। मैं तुमसे कुछ भी नहीं छिपाऊँगा।”

तब उन लोगों ने यिर्मयाह से कहा, “यदि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा जो कुछ कहता है उसे हम नहीं करते तो हमें आशा है कि यहोवा ही सच्चा और विश्वसनीय गवाह हमारे विरुद्ध होगा। हम जानते हैं कि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने तुम्हें यह बताने को भेजा कि हम क्या करे इसका कोई महत्व नहीं कि हम सन्देश को पसन्द करते हैं या नहीं। हम लोग अपने परमेश्वर, यहोवा की आज्ञा का पालन करेंगे। हम लोग तुम्हें यहोवा के यहाँ उससे सन्देश लेने के लिये भेज रहे हैं। हम उसका पालन करेंगे जो वह कहेगा। तब हम लोगों के लिए सब अच्छा होगा। हाँ, हम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा का पालन करेंगे।”

दस दिन बीतने के बाद यहोवा के यहाँ से यिर्मयाह को सन्देश मिला। तब यिर्मयाह ने कारेह के पुत्र योहानान और उसके साथ के सैनिक अधिकारियों को एक साथ बुलाया। यिर्मयाह ने बहुत छोटे व्यक्ति से लेकर बहुत बड़े व्यक्ति तक को भी एक साथ बुलाया। तब यिर्मयाह ने उनसे कहा, “जो इस्राएल के लोगों का परमेश्वर यहोवा कहता है, यह वह है: तुमने मुझे उसके पास भेजा। मैंने यहोवा से वह पूछा, जो तुम लोग मुझसे पूछना चाहते थे। यहोवा यह कहता है: 10 यदि तुम लोग यहूदा में रहोगे तो मैं तुम्हारा निर्माण करूँगा मैं तुम्हें नष्ट नहीं करूँगा। मैं तुम्हें रोपूँगा और मैं तुमको उखाड़ूँगा नहीं। मैं यह इसलिये करूँगा कि मैं उन भयंकर विपत्तियों के लिये दु:खी हूँ जिन्हें मैंने तुम लोगों पर घटित होने दीं। 11 इस समय तुम बाबुल के राजा से भयभीत हो। किन्तु उससे भयभीत न हो। बाबुल के राजा से भयभीत न हो: यही यहोवा का सन्देश है, क्योंकि मैं तुम्हारे साथ हूँ। मैं तुम्हें बचाऊँगा। मैं तुम्हें खतरे से निकालूँगा। वह तुम पर अपना हाथ नहीं रख सकेगा। 12 मैं तुम पर दयालु रहूँगा और बाबुल का राजा भी तुम्हारे साथ दया का व्यवहार करेगा और वह तुम्हें तुम्हारे देश वापस लायेगा। 13 किन्तु तुम यह कह सकते हो, हम यहूदा में नहीं ठहरेंगे। यदि तुम ऐसा कहोगे तो तुम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा का उल्लंघन करोगे। 14 तुम यह भी कह सकते हो, ‘नहीं हम लोग जाएंगे और मिस्र में रहेंगे। हमे उस स्थान पर युद्ध की परेशानी नहीं होगी। हम वहाँ युद्ध की तुरही नहीं सुनेंगे और मिस्र में हम भूखे नहीं रहेंगे।’ 15 यदि तुम यह सब कहते हो, तो यहूदा के बचे लोगों यहोवा के इस सन्देश को सुनो। इस्राएल के लोगों का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा यह कहता है: ‘यदि तुम मिस्र में रहने के लिये जाने का निर्णय करते हो तो यह सब घटित होगा: 16 तुम युद्ध की तलवार से डरते हो, किन्तु यही तुम्हें वहाँ पराजित करेगी और तुम भूख से परेशान हो, किन्तु तुम मिस्र में भूखे रहोगे। तुम वहाँ मरोगे। 17 हर एक वह व्यक्ति तलवार, भूख और भयंकर बीमारी से मरेगा जो मिस्र में रहने के लिये जाने का निर्णय करेगा। जो लोग मिस्र जाएंगे उसमें से कोई भी जीवित नहीं बचेगा। उनमें से कोई भी उन भयंकर विपत्तियों से नहीं बचेगा जिन्हें मैं उन पर ढाऊँगा।’

18 “इस्राएल के लोगों का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा, यह कहता है: ‘मैंने अपना क्रोध यरूशलेम के विरुद्ध प्रकट किया है। मैंने उन लोगों को दण्ड दिया जो यरूशलेम में रहते थे। उसी प्रकार मैं अपना क्रोध प्रत्येक उस व्यक्ति पर प्रकट करुँगा जो मिस्र जाएगा। लोग तुम्हारा उदाहरण तब देंगे जब वे अन्य लोगों के साथ बुरा घटित होने की प्रार्थना करेंगे। तुम अभिशाप वाणी के समान होओगे। तुम पर जो हुआ उसे देख कर लोग भयभीत होंगे। लोग तुम्हारा अपमान करेंगे और तुम फिर कभी यहूदा को नहीं देख पाओगे।’

19 “यहूदा के बचे हुए लोगों, यहोवा ने तुमसे कहा, ‘मिस्र मत जाओ।’ मैं तुम्हें स्पष्ट चेतावनी देता हूँ। 20 तुम लोग एक बड़ी भूल कर रहे हो, जिसके कारण तुम मरोगे। तुम लोगों ने यहोवा अपने परमेश्वर के पास मुझे भेजा। तुमने मुझसे कहा, ‘परमेश्वर यहोवा से हमारे लिये प्रार्थना करो। हर बात हमें बताओ जो यहोवा करने को कहता है। हम यहोवा की आज्ञा का पालन करेंगे।’ 21 अत: आज मैंने यहोवा का सन्देश तुम्हें दिया है। किन्तु तुमने अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा का पालन नहीं किया। तुमने वह सब नहीं किया है जिसे करने के लिये कहने को उसने मुझे भेजा है। 22 तुम लोग रहने के लिये मिस्र जाना चाहते हो अब निश्चय ही तुम यह समझ गये होगे कि मिस्र में तुम पर यह घटेगा: तुम तलवार से या भूख से, या भयंकर बीमारी से मरोगे।”

43 इस प्रकार यिर्मयाह ने लोगों को यहोवा उसके परमेश्वर का सन्देश देना पूरा किया। यिर्मयाह ने लोगों को वह सब कुछ बता दिया जिसे लोगों से कहने के लिये यहोवा ने उसे भेजा था।

होशाया का पुत्र अजर्याह, कारेह का पुत्र योहानान और कुछ अन्य लोग घमण्डी और हठी थी। वे लोग यिर्मयाह पर क्रोधित हो गए। उन लोगों ने यिर्मयाह से कहा, “यिर्मयाह, तुम झूठ बोलते हो! हमारे परमेश्वर यहोवा ने तुम से हमें यह कहने को नहीं भेजा, ‘तुम लोगों को मिस्र में रहने के लिये नहीं जाना चाहिये।’ यिर्मयाह, हम समझते हैं कि नेरिय्याह का पुत्र बारुक तुम्हें हम लोगों के विरुद्ध होने के लिये उकसा रहा है। वह चाहता है कि तुम हमें कसदी लोगों के हाथ में दे दो। वह यह इसलिये चाहता है जिससे वे हमें मार डालें या वह तुमसे यह इसलिये चाहता है कि वे हमें बन्दी बना लें और बाबुल ले जाये।”

इसलिये योहानान सैनिक अधिकारी और सभी लोगों ने यहोवा की आज्ञा का उल्लंघन किया। यहोवा ने उन्हें यहूदा में रहने का आदेश दिया था। किन्तु यहोवा की आज्ञा मानने के स्थान पर योहानान और सैनिक अधिकारी उन बचे लोगों को यहूदा से मिस्र ले गए। बीते समय में, शत्रु उन बचे हुओं को अन्य देशों को ले गया था। किन्तु वे यहूदा वापस आ गए थे। अब योहानान और सभी सैनिक अधिकारी, सभी पुरुषों, स्त्रियों और बच्चों को मिस्र ले गए। उन लोगों में राजा की पुत्रियाँ थीं। (नबूजरदान ने गदल्याह को उन लोगों का प्रशासक नियुक्त किया था। नबूजरदान बाबुल के राजा के विशेष रक्षकों का अधिनायक था।) योहानान यिर्मयाह नबी और नेरिय्याह के पुत्र बारूक को भी साथ ले गया। उन लोगों ने यहोवा की एक न सुनी। अत: वे सभी लोग मिस्र गए। वे तहपन्हेस नगर को गए।

तहपन्हेस नगर में यिर्मयाह ने यहोवा से यह सन्देश पाया, “यिर्मयाह, कुछ बड़े पत्थर लो। उन्हें लो और उन्हें तहपन्हेस में फिरौन के राजमहल के प्रवेश द्वार के ईंटें के चबूतरे के पास मिट्टी में गाड़ो। यह तब करो जब यहूदा के लोग तुम्हें ऐसा करते देख रहे हो। 10 तब यहूदा के उन लोगों से कहो जो तुम्हें देख रहे हो, ‘इस्राएल का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा जो कहता है, वह यह है: मैं बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर को यहाँ आने के लिये बुलावा भेजूँगा। वह मेरा सेवक है और मैं उसके राज सिंहासन को इन पत्थरों पर रखूँगा जिन्हें मैंने यहाँ गाड़ा है। नबूकदनेस्सर अपनी चंदोवा इन पत्थरों के ऊपर फैलाएगा। 11 नबूकदनेस्सर यहाँ आएगा और मिस्र पर आक्रमण करेगा। वह उन्हें मृत्यु के घाट उतारेगा जो मरने वाले हैं। जो बन्दी बनाये जाने के योग्य है वह उन्हें बन्दी बनायेगा और वह उन्हें तलवार के घाट उतारेगा जिन्हें तलवार से मारना है। 12 नबूकदनेस्सर मिस्र के असत्य देवताओं के मन्दिरों में आग लगा देगा। वह उन मन्दिरों को जला देगा और उन देवमूर्तियों को अलग करेगा। गडेरिया अपने कपड़ों को स्वच्छ रखने के लिये उसमें से जूँ और अन्य खटमलों को दूर फेंकता है। ठीक इसी प्रकार नबूकदनेस्सर मिस्र को स्वच्छ करने के लिये कुछ को दूर करेगा। तब वह सुरक्षापूर्वक मिस्र को छोड़ेगा। 13 नबूकदनेस्सर उन स्मृतिपाषाणों को नष्ट करेगा जो मिस्र में सूर्य देवता के मन्दिर में है और वह मिस्र के असत्य देवों के मन्दिरों को जला देगा।’”

यहूदा और मिस्र के लोगों को यहोवा का सन्देश

44 यिर्मयाह को यहोवा से एक सन्देश मिला। यह सन्देश मिस्र में रहने वाले यहूदा के सभी लोगों के लिये था। यह सन्देश यहूदा के उन लोगों के लिए था जो मिग्दोल, तहपन्हेस, नोप और दक्षिणी मिस्र में रहते थे। सन्देश यह था: “इस्राएल का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है, तुम लोगों ने उन भयंकर घटनाओं को देखा जिन्हें मैं यरूशलेम नगर और यहूदा के अन्य सभी नगर के विरुद्ध लाया। वे नगर आज पत्थरों के खाली ढेर हैं। वे स्थान नष्ट किए गए क्योंकि उनमें रहने वाले लोगों ने बुरे काम किये। उन लोगों ने अन्य देवताओं को बलिभेंट की, और इसने मुझे क्रोधित किया। तुम्हारे लोग और तुम्हारे पूर्वज अतीतकाल में उन देवताओं को नहीं पूजते थे। मैंने अपने नबी उन लोगों के पास बार बार भेजे। वे नबी मेरे सेवक थे। उन नबियों ने मेरे सन्देश दिये और लोगों से कहा, ‘यह भयंकर काम न करो जिससे मैं घृणा करता हूँ। क्योंकि तुम देवमूर्तियों की पूजा करते हो?’” किन्तु उन लोगों ने नबियों की एक न सुनी। उन्होंने उन नबियों पर ध्यान न दिया। उन लोगों ने दुष्टता भरे काम करने नहीं छोड़े। उन्होंने अन्य देवताओं को बलि भेंट करना बन्द नहीं किया। इसलिये मैंने अपना क्रोध उन लोगों के विरुद्ध प्रकट किया। मैंने यहूदा के नगरों और यरूशलेम की सड़कों को दण्ड दिया। मेरे क्रोध ने यरूशलेम और यहूदा के नगरों को सूने पत्थरों का ढेर बनाया, जैसे वे आज है।

“अत: इस्राएल का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा यह कहता है, ‘देवमूर्ति की पूजा करते रह कर तुम अपने को क्यों चोट पहुँचाते हो, तुम पुरुष, स्त्रियों, बच्चों और शिशुओं को यहूदा के परिवार से अलग कर रहे हो। तुममें से कोई भी नहीं जीवित रहेगा। लोगों देवमूर्तियाँ बनाकर तुम मुझे क्रोधित करना क्यों चाहते हो अब तुम मिस्र में रह रहे हो और अब मिस्र के असत्य देवताओं को भेंट चढ़ाकर तुम मुझे क्रोधित कर रहे हो। लोगों तुम अपने को नष्ट कर डालोगे। यह तुम्हारे अपने दोष के कारण होगा। तुम अपने को कुछ ऐसा बना लोगे कि अन्य राष्ट्रों के लोग, तुम्हारी बुराई करेंगे और पृथ्वी के अन्य राष्ट्रों के लोग तुम्हारा मजाक उड़ायेंगे। क्या तुम उन दुष्टता भरे कामों को भूल चुके हो जिन्हें तुम्हारे पूर्वजों ने किया क्या तुम उन दुष्टतापूर्ण कामों को भूल चुके हो जिन्हें यहूदा के राजा और रानियों ने किया। क्या तुम उन दुष्टतापूर्ण कामों को भूल चुके हो जिन्हें तुमने और तुम्हारी पत्नियों ने यहूदा की धरती पर और यरूशलेम की सड़कों पर किया 10 आज भी यहूदा के लोगों ने अपने को विनम्र नहीं बनाया। उन्होंने मुझे कोई सम्मान नहीं दिया और उन लोगों ने मेरी शिक्षाओं का अनुसरण नहीं किया। उन्होंने उन नियमों का पालन नहीं किया जिन्हें मैंने तुम्हें और तुम्हारे पूर्वजों को दिया।’

11 “अत: इस्राएल का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा जो कहता है, वह यह है: ‘मैंने तुम पर भयंकर विपत्ति ढाने का निश्चय किया है। मैं यहूदा के पूरे परिवार को नष्ट कर दूँगा। 12 यहूदा के थोड़े से लोग ही बचे थे। वे लोग यहाँ मिस्र में आए हैं। किन्तु मैं यहूदा के परिवार के उन कुछ बचे लोगों को नष्ट कर दूँगा। वे तलवार के घाट उतरेंगे या भूख से मरेंगे। वे कुछ ऐसे होंगे कि अन्य राष्ट्रों के लोग उनके बारे में बुरा कहेंगे। अन्य राष्ट्र उससे भयभीत होंगे जो उन लोगों के साथ घटित होगा। वे लोग अभिशाप वाणी बन जायेंगे। अन्य राष्ट्र यहूदा के उन लोगों का अपमान करेंगे। 13 मैं उन लोगों को दण्ड दूँगा जो मिस्र में रहने चले गए हैं। मैं उन्हें दण्ड देने के लिये तलवार, भूख और भयंकर बीमारी का उपयोग करूँगा। मैं उन लोगों को वैसे ही दण्ड दूँगा जैसे मैंने यरूशलेम नगर को दण्ड दिया। 14 इन थोड़े बचे हुओं में से, जो मिस्र में रहने चले गए हैं, कोई भी मेरे दण्ड से नहीं बचेगा। उनमें से कोई भी यहूदा वापस आने के लिये नहीं बच पायेगा। वे लोग यहूदा वापस लौटना और वहाँ रहना चाहते हैं किन्तु उनमें से एक भी व्यक्ति संभवत: कुछ बच निकलने वालों के अतिरिक्त वापस नहीं लौटेगा।’”

15 मिस्र में रहने वाली यहूदा की स्त्रियों में से अनेक अन्य देवताओं को बलि भेंट कर रही थी। उनके पति इसे जानते थे, किन्तु उन्हें रोकते नहीं थे। वहाँ यहूदा के लोगों का एक विशाल समूह एक साथ इकट्ठा होता था। वे यहूदा के लोग थे जो दक्षिणी मिस्र में रह रहे थे। उन सभी व्यक्तियों ने यिर्मयाह से कहा, 16 “हम यहोवा का सन्देश नहीं सुनेंगे जो तुम दोगे। 17 हमने स्वर्ग की रानी को बलि भेंट करने की प्रतिज्ञा की है और हम वह सब करेंगे जिसकी हमने प्रतिज्ञा की है। हम उसकी पूजा में बलि चढ़ायेंगे और पेय भेंट देंगे। यह हमने अतीत में किया और हमारे पूर्वजों, राजाओं और हमारे पदाधिकारियों ने अतीत में यह किया। हम सब ने यहूदा के नगरों और यरूशलेम की सड़कों पर यह किया। जिन दिनों हम स्वर्ग की रानी की पूजा करते थे हमारे पास बहुत अन्न होता था। हम सफल होते थे। हम लोगों का कुछ भी बुरा नहीं हुआ। 18 किन्तु तभी हम लोगों ने स्वर्ग की रानी की पूजा छोड़ दी और हमने उसे पेय भेंट देनी बन्द कर दी। जबसे हमने उसकी पूजा में वे काम बन्द किये तब से ही समस्यायें उत्पन्न हुई हैं। हमारे लोग तलवार और भूख से मरे हैं।”

19 तब स्त्रियाँ बोल पड़ीं। उन्होंने यिर्मयाह से कहा, “हमारे पति जानते थे कि हम क्या कर रहे थे। हमने स्वर्ग की रानी को बलि देने के लिये उनसे स्वीकृति ली थी। मदिरा भेंट चढ़ाने के लिये हमें उनकी स्वीकृति प्राप्त थी। हमारे पति यह भी जानते थे कि हम ऐसी विशेष रोटी बनाते थे जो उनकी तरह दिखाई पड़ती थी।”

20 तब यिर्मयाह ने उन सभी स्त्रियों और पुरुषों से बातें कीं। उसने उन लोगों से बातें कीं जिन्होंने वे बातें अभी कही थीं। 21 यिर्मयाह ने उन लोगों से कहा, “यहोवा को याद था कि तुमने यहूदा के नगर और यरूशलेम की सड़कों पर बलि भेंट की थी। तुमने और तुम्हारे पूर्वजों, तुम्हारे राजाओं, तुम्हारे अधिकारियों और देश के लोगों ने उसे किया। यहोवा को याद था और उसने तुम्हारे किये गये कर्मों के बारे में सोचा। 22 अत: यहोवा तुम्हारे प्रति और अधिक चुप नहीं रह सका। यहोवा ने उन भयंकर कामों से घृणा की जो तुमने किये। इसीलिये यहोवा ने तुम्हारे देश को सूनी मरुभूमि बना दिया। अब वहाँ कोई व्यक्ति नहीं रहता। अन्य लोग उस देश के बारे में बुरी बातें कहते हैं। 23 वे सभी बुरी घटनायें तुम्हारे साथ घटी क्योंकि तुमने अन्य देवताओं को बलि भेंट की। तुमने यहोवा के विरुद्ध पाप किये। तुमने यहोवा की आज्ञा का पालन नहीं किया। तुमने उसके उपदेशों या उसके दिये नियमों का अनुसरण नहीं किया। तुमने उसके साथ की गयी वाचा का पालन नहीं किया।”

24 तब यिर्मयाह ने उन सभी पुरुष और स्त्रियों से बात की। यिर्मयाह ने कहा, “मिस्र में रहने वाले यहूदा के तुम सभी लोगों यहोवा के यहाँ से सन्देश सुनो: 25 इस्राएल के लोगों का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा कहता है: ‘स्त्रियों, तुमने वह किया जो तुमने करने को कहा। तुमने कहा, “हमने जो प्रतिज्ञा की है उसका पालन हम करेंगे। हम ने प्रतिज्ञा की है कि हम स्वर्ग की देवी को बलि भेंट करेंगे और पेय भेंट डालेंगे।” अत: ऐसा करती रहो। वह करो जो तुमने करने की प्रतिज्ञा की है। अपनी प्रतिज्ञा को पूरा करो।’ 26 किन्तु मिस्र में रहने वाले सभी लोगों यहोवा के सन्देश को सुनो: मैंने अपने बड़े नाम का उपयोग करते हुए यह प्रतिज्ञा की है: ‘मैं प्रतिज्ञा करता हूँ कि अब मिस्र में रहने वाला यहूदा का कोई भी व्यक्ति प्रतिज्ञा करने के लिये मेरे नाम का उपयोग कभी नहीं कर पायेगा। वे फिर कभी नहीं कहेंगे, “जैसा कि यहोवा शाश्वत है।” 27 मैं यहूदा के उन लोगों पर नजर रख रहा हूँ। किन्तु मैं उन पर नजर उनकी देखरेख के लिये नहीं रख रहा हूँ। मैं उन पर चोट पहुँचाने के लिये नजर रख रहा हूँ। मिस्र में रहने वाले यहूदा के लोग भूख से मरेंगे और तलवार से मारे जायेंगे। वे तब तक मरते चले जायेंगे जब तक वे समाप्त नहीं होंगे। 28 यहूदा के कुछ लोग तलवार से मरने से बच निकलेंगे। वे मिस्र से यहूदा वापस लौटेंगे। किन्तु बहुत थोड़े से यहूदा के लोग बच निकलेंगे। तब यहूदा के बचे हुए वे लोग जो मिस्र में आकर रहेंगे यह समझेंगे कि किसका सन्देश सत्य घटित होता है। वे जानेंगे कि मेरा सन्देश अथवा उनका सन्देश सच निकलता है। 29 लोगों मैं तुम्हें इसका प्रमाण दूँगा’ यह यहोवा के यहाँ से सन्देश है कि मैं तुम्हें मिस्र में दण्ड दूँगा। तब तुम निश्चय ही समझ जाओगे कि तुम्हें चोट पहुँचाने की मेरी प्रतिज्ञा, सच ही घटित होगी। 30 जो मैं कहता हूँ वह करूँगा यह तुम्हारे लिए प्रमाण होगा। जो यहोवा कहता है, यह वह है ‘होप्रा फ़िरौन मिस्र का राजा है। उसके शत्रु उसे मार डालना चाहते हैं। मैं होप्रा फिरौन को उसके शत्रुओं को दूँगा। सिदकिय्याह यहूदा का राजा था। नबूकदनेस्सर सिदकिय्याह का शत्रु था और मैंने सिदकिय्याह को उसके शत्रु को दिया। उसी प्रकार मैं होप्रा फिरौन को उसके शत्रु को दूँगा।’”

बारुक को सन्देश

45 यहोयाकीम योशिय्याह का पुत्र था। यहोयाकीम के यहूदा में राज्यकाल के चौथे वर्ष यिर्मयाह नबी ने नेरिय्याह के पुत्र बारुक से यह कहा। बारुक ने इन तथ्यों को पत्रक पर लिखा। यिर्मयाह ने बारुक से जो कहा, वह यह है: “इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जो तुमसे कहता है, वह यह है: ‘बारुक, तुमने कहा है: यह मेरे लिये बहुत बुरा है। यहोवा ने मेरी पीड़ा के साथ मुझे शोक दिया है। मैं बहुत थक गया हूँ। अपने कष्टों के कारण मैं क्षीण हो गया हूँ। मैं आराम नहीं पा सकता।’” यिर्मयाह, बारुक से यह कहो: “यहोवा जो कहता है, वह यह है: मैं उसे ध्वस्त कर दूँगा जिसे मैंने बनाया है। मैंने जिसे रोपा है उसे मैं उखाड़ फेंकूँगा। मैं यहूदा में सर्वत्र यही करूँगा। बारुक, तुम अपने लिये कुछ बड़ी बात होने की आशा कर रहे हो। किन्तु उन चीज़ों की आशा न करो। उनकी ओर नजर न रखो क्योंकि मैं सभी लोगों के लिये कुछ भयंकर विपत्ति उत्पन्न करुँगा। ये बातें यहोवा ने कही, ‘तुम्हें अनेकों स्थानों पर जाना पड़ेगा। किन्तु तुम चाहे जहाँ जाओ, मैं तुम्हें जीवित बचकर निकल जाने दूँगा।’”

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