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Read the Bible from start to finish, from Genesis to Revelation.
Duration: 365 days
Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)
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यिर्मयाह 23-25

23 “यहूदा के गडरियों (प्रमुखों) के लिये यह बहुत बुरा होगा। वे गडेरिये भेड़ों को नष्ट कर रहें हैं। वे भेड़ों को मेरी चरागाह से चारों ओर भगा रहे हैं।” यह सन्देश यहोवा का है।

वे गडेरिये (प्रमुख) मेरे लोगों के लिये उत्तरदायी हैं, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा उन गडेरियों से यह कहता है, “गडेरियों (प्रमुखों), तुमने मेरी भेड़ों को चारों ओर भगाया है। तुमने उन्हें चले जाने को विवश किया है। तुमने उनकी देखभाल नहीं रखी है। किन्तु मैं तुम लोगों को देखूँगा, मैं तुम्हें उन बुरे कामों के लिये दण्ड दूँगा जो तुमने किये हैं।” यह सन्देश यहोवा के यहाँ से है। “मैंने अपनी भेड़ों (लोगों) को विभिन्न देशों में भेजा। किन्तु मैं अपनी उन भेड़ों (लोगों) को एक साथ इकट्ठी करुँगा जो बची रह गई हैं और मैं उन्हें उनकी चरागाह (देश) में लाऊँगा। जब मेरी भेड़ें (लोग) अपनी चरागाह (देश) में वापस आएंगी तो उनके बहुत बच्चे होंगे और उनकी संख्या बढ़ जाएगी। मैं अपनी भेड़ों के लिये नये गडेरिये (प्रमुख) रखूँगा वे गडेरिये (प्रमुख) मेरी भेड़ों (लोगों) की देखभाल करेंगे और मेरी भेड़ें (लोग) भयभीत या डरेंगी नहीं। मेरी भेड़ों (लोगों) में से कोई खोएगी नहीं।” यह सन्देश यहोवा का है।

सच्चा “अंकुर”

यह सन्देश यहोवा का है:
“समय आ रहा है
    जब मैं दाऊद के कुल में एक सच्चा ‘अंकुर’ उगाऊँगा।
वह ऐसा राजा होगा जो बुद्धिमत्ता से शासन करेगा
    और वह वही करेगा जो देश में उचित और न्यायपूर्ण होगा।
उस सच्चे अंकुर के समय में
    यहूदा के लोग सुरक्षित रहेंगे और इस्राएल सुरक्षित रहेगा।
उसका नाम यह होगा
    यहोवा हमारी सच्चाई हैं।”

यह सन्देश यहोवा का है, “अत: समय आ रहा है, जब लोग भविष्य में यहोवा के नाम पर पुरानी प्रतिज्ञा फिर नहीं करेंगे। पुरानी प्रतिज्ञा यह है: ‘यहोवा जीवित है, यहोवा ही वह है जो इस्राएल के लोगों को मिस्र देश से बाहर लाया था।’ किन्तु अब लोग कुछ नया कहेंगे, ‘यहोवा जीवित है, यहोवा ही वह है जो इस्राएल के लोगों को उत्तर के देश से बाहर लाया। वह उन्हें उन सभी देशों से बाहर लाया जिनमें उसने उन्हें भेजा था।’ तब इस्राएल के लोग अपने देश में रहेंगे।”

झूठे नबियों के विरुद्ध न्याय

नबियों के लिये सन्देश है:
मैं बहुत दु:खी हूँ, मेरा हृदय विदीर्ण हो गया है।
    मेरी सारी हड्डियाँ काँप रही हैं।
मैं (यिर्मयाह) मतवाले के समान हूँ।
    क्यों यहोवा और उसके पवित्र सन्देश के कारण।
10 यहूदा देश ऐसे लोगों से भरा है
    जो व्यभिचार का पाप करते हैं।
वे अनेक प्रकार से अभक्त हैं।
    यहोवा ने भूमि को अभिशाप दिया और वह बहुत सूख गई।
पौधे चरगाहों में सूख रहे हैं और मर रहे हैं।
    खेत मरुभूमि से हो गए हैं।
नबी पापी हैं, वे नबी अपने प्रभाव
    और अपनी शक्ति का उपयोग गलत ढंग से करते हैं।
11 “नबी और याजक तक भी पापी हैं।
    मैंने उन्हें अपने मन्दिर में पाप करते देखा है।
यह सन्देश यहोवा का है।
12 अत: मैं उन्हें अपना सन्देश देना बन्द करुँगा।
    यह ऐसा होगा मानो वे अन्धकार में चलने को विवश किये गए हों।
यह ऐसा होगा मानो नबियों और याजकों के लिये फिसलन वाली सड़क हो।
    उस अंधेरी जगह में वे नबी और याजक गिरेंगे। मैं उन पर आपत्तियाँ ढाऊँगा।
उस समय मैं उन नबियों और याजकों को दण्ड दूँगा।”
    यह सन्देश यहोवा का है।

13 “मैंने शोमरोन के नबियों को कुछ बुरा करते देखा।
    मैंने उन नबियों को झूठे बाल देवता के नाम भविष्यवाणी करते देखा।
उन नबियों ने इस्राएल के लोगों को यहोवा से दूऱ भटकाया।
14 मैंने यहूदा के नबियों को यरूशलेम में बहुत भयानक कर्म करते देखा।
    इन नबियों ने व्यभिचार करने का पाप किया।
उन्होंने झूठी शिक्षाओं पर विश्वास किया, और उन झूठे उपदेशों को स्वीकार किया।
    उन्होंने दुष्ट लोगों को पाप करते रहने के लिये उत्साहित किया।
अत: लोगों ने पाप करना नहीं छोड़ा।
    वे सभी लोग सदोम नगर की तरह हैं।
यरूशलेम के लोग मेरे लिये अमोरा नगर के समान हैं।”

15 अत: सर्वशक्तिमान यहोवा नबियों के बारे में ये बातें कहता है,
“मैं उन नबियों को दण्ड दूँगा।
    वह दण्ड विषैला भोजन पानी खाने पीने जैसा होगा।
नबियों ने आध्यात्मिक बीमारी उत्पन्न की और वह बीमारी पूरे देश में फैल गई।
    अत: मैं उन नबियों को दण्ड दूँगा।
वह बीमारी यरूशलेम में नबियों से आई।”

16 सर्वशक्तिमान यहोवा यह सब कहता है:
    “वे नबी तुमसे जो कहें उसकी अनसुनी करो।
वे तुम्हें मूर्ख बनाने का प्रयत्न कर रहे हैं।
    वे नबी अर्न्तदर्शन करने की बात करते हैं।
किन्तु वे अपना अर्न्तदर्शन मुझसे नहीं पाते।
    उनका अर्न्तदर्शन उनके मन की उपज है।
17 कुछ लोग यहोवा के सच्चे सन्देश से घृणा करते हैं।
    अत: वे नबी उन लोगों से भिन्न भिन्न कहते हैं।
वे कहते हैं, ‘तुम शान्ति से रहोगे।
    कुछ लोग बहुत हठी हैं।
वे वही करते हैं जो वे करना चाहते हैं।’
    अत: वे नबी कहते हैं, ‘तुम्हारा कुछ भी बुरा नहीं होगा।’
18 किन्तु इन नबियों में से कोई भी स्वर्गीय परिषद में सम्मिलित नहीं हुआ है।
    उनमें से किसी ने भी यहोवा के सन्देश को न देखा है न ही सुना है।
उनमें से किसी ने भी यहोवा के सन्देश पर गम्भीरता से ध्यान नहीं दिया है।
19 अब यहोवा के यहाँ से दण्ड आँधी की तरह आएगा।
    यहोवा का क्रोध बवंडर की तरह होगा।
यह उन दुष्ट लोगों के सिरों को कुचलता हुआ आएगा।
20 यहोवा का क्रोध तब तक नहीं रूकेगा जब तक वे जो करना चाहते हैं, पूरा न कर लें।
    जब वह दिन चला जाएगा तब तुम इसे ठीक ठीक समझोगे।
21 मैंने उन नबियों को नहीं भेजा।
    किन्तु वे अपने सन्देश देने दौड़ पड़े।
मैंने उनसे बातें नहीं की।
    किन्तु उन्होंने मेरे नाम के उपदेश दिये।
22 यदि वे मेरी स्वर्गीय परिषद में सम्मिलित हुए होते तो उन्होंने यहूदा के लोगों को मेरा सन्देश दिया होता।
    उन्होंने लोगों को बुरे कर्म करने से रोक दिया होता।
उन्होंने लोगों को पाप कर्म करने से रोक दिया होता।”

23 यह सन्देश यहोवा का है।
    “मैं परमेश्वर हूँ, यहाँ वहाँ और सर्वत्र।
मैं बहुत दूर नहीं हूँ।
24 कोई व्यक्ति किसी छिपने के स्थान में अपने को मुझसे छिपाने का प्रयत्न कर सकता है।
    किन्तु उसे देख लेना मेरे लिये सरल है।
    क्यों क्योंकि मैं स्वर्ग और धरती दोनों पर सर्वत्र हूँ!”

यहोवा ने ये बातें कहीं। 25 “ऐसे नबी हैं जो मेरे नाम पर झूठा उपदेश देते हैं। वे कहते हैं, ‘मैंने एक स्वप्न देखा है! मैंने एक स्वप्न देखा है!’ मैंने उन्हें वे बातें करते सुना है। 26 यह कब तक चलता रहेगा वे नबी झूठ ही का चिन्तन करते हैं और तब वे उस झूठ का उपदेश लोगों को देते हैं। 27 ये नबी प्रयत्न करते हैं कि यहूदा के लोग मेरा नाम भूल जायें। वे इस काम को, आपस में एक दूसरे से कल्पित स्वप्न कहकर कर रहे हैं। ये लोग मेरे लोगों से मेरा नाम वैसे ही भुलवा देने का प्रयत्न कर रहे हैं जैसे उनके पूर्वज मुझे भूल गए थे। उनके पूर्वज मुझे भूल गए और उन्होंने असत्य देवता बाल की पूजा की। 28 मूसा वह नहीं है जो गेहूँ है। ठीक उसी प्रकार उन नबियों के स्वप्न मेरे सन्देश नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने स्वप्नों को कहना चाहता है तो उसे कहने दो। किन्तु उस व्यक्ति को मेरे सन्देश को सच्चाई से कहने दो जो मेरे सन्देश को सुनता है। 29 मेरा सन्देश ज्वाला की तरह है। यह उस हथौड़े की तरह है जो चट्टान को चूर्ण करता है। यह सन्देश यहोवा का है।”

30 “इसलिए मैं झूठे नबियों के विरुद्ध हूँ। क्योंकि वे मेरे सन्देश को एक दूसरे से चुराने में लगे रहते हैं।” यह सन्देश यहोवा का है। 31 “वे अपनी बात कहते हैं और दिखावा यह करते हैं कि वह यहोवा का सन्देश है। 32 मैं उन झूठे नबियों के विरुद्ध हूँ जो झूठे स्वप्न का उपदेश देते हैं।” यह सन्देश यहोवा का है। “वे अपने झूठ और झूठे उपदेशों से मेरे लोगों को भटकाते हैं। मैंने उन नबियों को लोगों को उपदेश देने के लिये नहीं भेजा। मैंने उन्हें अपने लिये कुछ करने का आदेश कभी नहीं दिया। वे यहूदा के लोगों की सहायता बिल्कुल नहीं कर सकते।” यह सन्देश यहोवा का है।

यहोवा से दु:खपूर्ण सन्देश

33 “यहूदा के लोग, नबी अथवा याजक तुमसे पूछ सकते हैं, ‘यिर्मयाह, यहोवा की घोषणा क्या है?’ तुम उन्हें उत्तर दोगे और कहोगे, ‘तुम यहोवा के लिये दुर्वह भार हो और मैं यहोवा उस दुर्वह भार को नीचे पटक दूँगा।’ यह सन्देश यहोवा का है।

34 “कोई नबी या कोई याजक अथवा संभवत: लोगों में से कोई कह सकता है, ‘यह यहोवा से घोषणा है।’ उस व्यक्ति ने यह झूठ कहा, अत: मैं उस व्यक्ति और उसके पूरे परिवार को दण्ड दूँगा। 35 जो तुम आपस में एक दूसरे से कहोगे वह यह है: ‘यहोवा ने क्या उत्तर दिया?’ या ‘यहोवा ने क्या कहा?’ 36 किन्तु तुम पुन: इस भाव को कभी नहीं दुहराओगे। यहोवा की घोषणा (दुर्वह भार)। यह इसलिये कि यहोवा का सन्देश किसी के लिये दुर्वह भार नहीं होना चाहिये। किन्तु तुमने हमारे परमेश्वर के शब्द को बदल दिया। वह सजीव परमेश्वर है अर्थात् सर्वशक्तिमान यहोवा।

37 “यदि तुम परमेश्वर के सन्देश के बारे में जानना चाहते हो तब किसी नबी से पूछो, ‘यहोवा ने तुम्हें क्या उत्तर दिया?’ या ‘यहोवा ने क्या कहा?’ 38 किन्तु यह न कहो, ‘यहोवा के यहाँ से घोषणा (दुर्वह भार) क्या है?’ यदि तुम इन शब्दों का उपयोग करोगे तो यहोवा तुमसे यह सब कहेगा, तुम्हें मेरे सन्देश को ‘यहोवा के यहाँ से घोषणा’ (दुर्वह भार) नहीं कहना चाहिये था। मैंने तुमसे उन शब्दों का उपयोग न करने को कहा था। 39 किन्तु तुमने मेरे सन्देश को दुर्वह भार कहा, अत: मैं तुम्हें एक दुर्वह भार की तरह उठाऊँगा और अपने से दूर पटक दूँगा। मैंने तुम्हारे पूर्वजों को यरूशलेम नगर दिया था। किन्तु अब मैं तुम्हें और उस नगर को अपने से दूर फेंक दूँगा। 40 मैं सदैव के लिए तुम्हें कलंकित बना दूँगा। तुम कभी अपनी लज्जा को नहीं भूलोगे।”

अच्छे अंजीर और बुरे अंजीर

24 यहोवा ने मुझे ये चीज़ें दिखाई: यहोवा के मन्दिर के सामने मैंने सजी दो अंजीर की टोकरियाँ देखीं। (मैंने इस अर्न्तदर्शन को बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर द्वारा यकोन्याह को बन्दी बना लिये जाने के बाद देखा। यकोन्याह राजा यहोयाकीम का पुत्र था। यकोन्याह और उसके बड़े अधिकारी यरूशलेम से दूर पहुँचा दिये गए थे। वे बाबुल पहुँचाये गए थे। नबूकदनेस्सर यहूदा के सभी बढ़इयों और धातुकारों को ले गया था।) एक टोकरी में बहुत अच्छे अंजीर थे। वे उन अंजीरों की तरह थे जो मौसम के आरम्भ में पकते हैं। किन्तु दूसरी टोकरी में सड़े गले अंजीर थे। वे इतने अधिक सड़े गले थे कि उन्हें खाया नहीं जा सकता था।

यहोवा ने मुझसे कहा, “यिर्मयाह, तुम क्या देखते हो”

मैंने उत्तर दिया, “मैं अंजीर देखता हूँ। अच्छे अंजीर बहुत अच्छे हैं। और सड़े गले अंजीर बहुत ही सड़े गले हैं। वे इतने सड़े गले हैं कि खाये नहीं जा सकते।”

तब यहोवा का सन्देश मुझे मिला। इस्राएल के परमेश्वर यहोवा, ने कहा, “यहूदा के लोग अपने देश से ले जाए गए। उनका शत्रु उन्हें बाबुल ले गया। वे लोग इन अच्छे अंजीरों की तरह होंगे। मैं उन लोगों पर दया करुँगा। मैं उनकी रक्षा करूँगा। मैं उन्हें यहूदा देश में वापस लाऊँगा। मैं उन्हें चीर कर फेंकूँगा नहीं, मैं फिर उनका निर्माण करुँगा। मैं उन्हें उखाड़ूँगा नहीं अपितु रोपूँगा जिससे वे बढ़े। मैं उन्हें अपने को समझने की इच्छा रखने वाला बनाऊँगा। वे समझेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे मेरे लोग होंगे और मैं उनका परमेश्वर। मैं यह करूँगा क्योंकि वे बाबुल के बन्दी पूरे हृदय से मेरी शरण में आएंगे।

“किन्तु यहूदा का राजा सिदकिय्याह उन अंजीरों की तरह है जो इतने सड़े गले हैं कि खाये नहीं जा सकते। सिदकिय्याह उसके बड़े अधिकारी, वे सभी लोग जो यरूशलेम में बच गए है, और यहूदा के वे लोग जो मिस्र में रह रहें हैं उन सड़े गले अंजीरों की तरह होंगे।

“मैं उन लोगों को दण्ड दूँगा। वह दण्ड पृथ्वी के सभी लोगों का हृदय दहला देगा। लोग यहूदा के लोगों का मजाक उड़ायेंगे। लोग उनके विषय में हँसी उड़ाएंगे। लोग उन्हें उन सभी स्थानों पर अभिशाप देंगे जहाँ उन्हें मैं बिखेरुँगा। 10 मैं उनके विरुद्ध तलवारें, भूखमरी और बीमारियाँ भेजूँगा। मैं उन पर तब तक आक्रमण करुँगा जब तक कि वे सभी मर नहीं जाते। तब मे भविष्य में उस भूमि पर नहीं रहेंगे जिसे मैंने इनको तथा इनके पूर्वजों को दिया था।”

यिर्मयाह के उपदेश का सार

25 यह वह सन्देश है, जो यहूदा के सभी लोगों से सम्बन्धित, यिर्मयाह को मिला। यह सन्देश यहोयाकीम के यहूदा में राज्यकाल के चौथे वर्ष में आया। यहोयाकीम योशिय्याह का पुत्र था। राजा के रूप में उसके राज्यकाल का चौथा वर्ष वही था जो बाबुल में नबूकदनेस्सर का पहला वर्ष था। यह वही सन्देश है जिसे यिर्मयाह नबी ने यहूदा के लोगों और यरूशलेम के लोगों को दिया।

मैंने इन गत तेईस वर्षों में यहोवा के सन्देशों को तुम्हें बार—बार दिया है। मैं यहूदा के राजा आमोन के पुत्र योशिय्याह के राज्यकाल के तेरहवें वर्ष से नबी हूँ। मैंने उस समय से आज तक यहोवा के यहाँ से सन्देशों को तुम्हें दिया है। किन्तु तुमने उसे अनसुना किया है। यहोवा ने अपने सेवक नबियों को तुम्हारे पास बार—बार भेजा है। किन्तु तुमने उन्हें अनसुना किया है। तुमने उनकी ओर तनिक भी ध्यान नहीं दिया है।

उन नबियों ने कहा, “अपने जीवन को बदलो। उन बुरे कामों को करना छोड़ो। यदि तुम बदल जाओगे, तो तुम उस भूमि पर वापस लौट और रह सकोगे जिसे यहोवा ने तुम्हें और तुम्हारे पूर्वजों को बहुत पहले दी थी। उसने यह भूमि तुम्हें सदैव रहने को दी। अन्य देवताओं का अनुसरण न करो। उनकी सेवा या उनकी पूजा न करो। उन मूर्तियों की पूजा न करो जिन्हें कुछ लोगों ने बनाया है। वह मुझे तुम पर केवल क्रोधित करता है। यह करना तुम्हें केवल चोट पहुँचाता है।”

“किन्तु तुमने मेरी अनसुनी की।” यह सन्देश यहोवा का है। “तुमने उन मूर्तियों की पूजा की जिन्हें कुछ लोगों ने बनाया और उसने मुझे क्रोधित किया और उसने तुम्हें केवल चोट पहुँचाई।”

अत: सर्वशक्तिमान यहोवा यह कहता है, “तुमने मेरे सन्देश को अनसुना किया है। अत: मैं उत्तर के सभी परिवार समूहों को शीघ्र बुलाऊँगा।” यह सन्देश यहोवा का है। “मैं शीघ्र ही बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर को भेजूँगा। वह मेरा सेवक है। मैं उन लोगों को यहूदा देश और यहूदा के लोगों के विरुद्ध बुलाऊँगा। मैं उन्हें तुम्हारे चारों ओर के पड़ोसी राष्ट्रों के विरुद्ध भी लाऊँगा। मैं उन सभी देशों को नष्ट करुँगा। मैं उन देशों को सदैव के लिये सूनी मरुभूमि बना दूँगा। लोग उन देशों को देखेंगे और जिस बुरी तरह से वे नष्ट हुए हैं उस पर सीटी बजाएंगे। 10 मैं उन स्थानों पर सुख और आनन्द की किलोलों को बन्द कर दूँगा। वहाँ भविष्य में दुल्हा—दुल्हनों की उमंग भरी हँसी ठिठोली न होगी। मैं चक्की चलाने लोगों के गीतों को दूर कर दूँगा। मैं दीपकों का उजाला खत्म करूँगा। 11 वह सारा क्षेत्र ही सूनी मरुभूमि होगा। वे सारे लोग बाबुल के राजा के सत्तर वर्ष तक दास होंगे।

12 “किन्तु जब सत्तर वर्ष बीत जाएंगे तो मैं बाबुल के राजा को दण्ड दूँगा। मैं बाबुल राष्ट्र को दण्ड दूँगा।” यह सन्देश यहोवा का है। “मैं कसदियों के देश को उनके पाप के लिये दण्ड दूँगा। मैं उस देश को सदैव के लिये मरुभूमि बनाऊँगा। 13 मैंने कहा है कि बाबुल पर अनेक विपत्तियाँ आएंगी। वे सभी चीज़ें घटित होंगी। यिर्मयाह ने उन विदेशी राज्यों के बारे में उपदेश दिया और वे सभी चेतावनियाँ इस पुस्तक में लिखी हैं। 14 हाँ बाबुल के लोगों को कई राष्ट्रों और कई बड़े राजाओं की सेवा करनी पड़ेगी। मैं उन्हें उसके लिए उनको उचित दण्ड दूँगा जो सब वे करेंगे।”

विश्व के राष्ट्रों के साथ न्याय

15 इस्राएल के परमेशवर यहोवा ने यह सब मुझसे कहा, “यिर्मयाह, यह दाखमधु का प्याला मेरे हाथों से लो। यह मेरे क्रोध का दाखमधु है। मैं तुम्हें विभिन्न राष्ट्रों में भेज रहा हूँ। उन सभी राष्ट्रों को इस प्याले से पिलाओं। 16 वे इस दाखमधु को पीएंगे। तब वे उलटी करेंगे और पागलों सा व्यवहार करेंगे। वे यह उन तलवारों के कारण ऐसा करेंगे जिन्हें मैं उनके विरुद्ध शीघ्र भेजूँगा।”

17 अत: मैंने यहोवा के हाथ से प्याला लिया। मैं उन राष्ट्रों में गया और उन लोगों को उस प्याले से पिलाया। 18 मैंने इस दाखमधु को यरूशलेम और यहूदा के लोगों के लिये ढाला। मैंने यहूदा के राजाओं और प्रमुखों को इस प्याले से पिलाया। मैंने यह इसलिये किया कि वे सूनी मरूभूमि बन जायें। मैंने यह इसलिये किया कि यह स्थान इतनी बुरी तरह से नष्ट हो जाये कि लोग इसके बारे में सीटी बजाएं और इस स्थान को अभिशाप दें और यह हुआ, यहूदा अब उसी तरह का है।

19 मैंने मिस्र के राजा फिरौन को भी प्याले से पिलाया। मैंने उसके अधिकारियों, उसके बड़े प्रमुखों और उसके सभी लोगों को यहोवा के क्रोध के प्याले से पिलाया।

20 मैंने सभी अरबों और उस देश के सभी राजाओं को उस प्याले से पिलाया।

मैंने पलिश्ती देश के सभी राजाओं को उस प्याले से पिलाया। ये अश्कलोन, अज्जा, एक्रोन नगरों और अशदोद नगर के बचे भाग के राजा थे।

21 तब मैंने एदोम, मोआब और अम्मोन के लोगों को उस प्याले से पियाला।

22 मैंने सोर और सीदोन के राजाओं को उस प्याले से पिलाया।

मैंने बहुत दूर से देशों के राजाओं को भी उस प्याले से पिलाया। 23 मैंने ददान, तेमा और बूज के लोगों को उस प्याले से पिलाया। मैंने उन सबको उस प्याले से पिलाया जो अपने गाल के बालों को काटते हैं। 24 मैंने अरब के सभी राजाओं को उस प्याले से पिलाया। ये राजा मरुभूमि में रहते हैं। 25 मैंने जिम्री, एलाम और मादै के सभी राजाओं को उस प्याले से पिलाया। 26 मैंने उत्तर के सभी समीप और दूर के राजाओं को उस प्याले से पिलाया। मैंने एक के बाद दूसरे को पिलाया। मैंने पृथ्वी पर के सभी राज्यों को यहोवा के क्रोध के उस प्याले से पिलाया। किन्तु बाबुल का राजा इन सभी अन्य राष्ट्रों के बाद इस प्याले से पीएगा।

27 “यिर्मयाह, उन राष्ट्रों से कहो कि इस्राएल के लोगों का परमेश्वर सर्वशक्तिमान यहोवा जो कहता है, वह यह है: ‘मेरे क्रोध के इस प्याले को पीओ। उसे पीकर मत्त हो जाओ और उलटियाँ करो। गिर पड़ो और उठो नहीं, क्योंकि तुम्हें मार डालने के लिये मैं तलवार भेज रहा हूँ।’

28 “वे लोग तुम्हारे हाथ से प्याला लेने से इन्कार करेंगे। वे इसे पीने से इन्कार करेंगे। किन्तु तुम उनसे यह कहोगे, ‘सर्वशक्तिमान यहोवा यह बातें बताता है: तुम निश्चय ही इस प्याले से पियोगे। 29 मैं अपने नाम पर पुकारे जाने वाले यरूशलेम नगर पर पहले ही बुरी विपत्तियाँ ढाने जा रहा हूँ। सम्भव है कि तुम लोग सोचो कि तुम्हें दण्ड नहीं मिलेगा। किन्तु तुम गलत सोच रहे हो। तुम्हें दण्ड मिलेगा। मैं पृथ्वी के सभी लोगों पर आक्रमण करने के लिये तलवार मंगाने जा रहा हूँ।’” यह सन्देश यहोवा का है।

30 “यिर्मयाह, तुम उन्हें यह सन्देश दोगे:
‘यहोवा ऊँचे और पवित्र मन्दिर से गर्जना कर रहा है!
    यहोवा अपनी चरागाह (लोग) के विरुद्ध चिल्लाकर कह रहा है!
उसकी चिल्लाहट वैसी ही ऊँची है,
    जैसे उन लोगों की, जो अंगूरों को दाखमधु बनाने के लिये पैरों से कुचलते हैं।
31 वह चिल्लाहट पृथ्वी के सभी लोगों तक जाती है।
    यह चिल्लाहट किस बात के लिये है
यहोवा सभी राष्ट्रों के लोगों को दण्ड दे रहा है।
    यहोवा ने अपने तर्कपूर्ण निर्णय लोगों के विरुद्ध दिये।
उसने लोगों के साथ न्याय किया
    और वह बुरे लोगों को तलवार के घाट उतार रहा है।’”
यह सन्देश यहोवा का है।

32 सर्वशक्तिमान यहोवा यह कहता है:
“एक देश से दूसरे देश तक
    शीघ्र ही बरबादी आएगी!
वह शक्तिशाली आँधी की तरह
    पृथ्वी के सभी अति दूर के देशों में आएगी!”

33 उन लोगों के शव देश के एक सिरे से दूसरे सिरे को पहुँचेंगे। कोई भी उन मरों के लिये नहीं रोएगा। कोई भी यहोवा द्वारा मारे गये उनके शवों को इकट्ठा नहीं करेगा और दफनायेगा नहीं। वे गोबर की तरह जमीन पर पड़े छोड़ दिये जाएंगे।

34 गडरियों (प्रमुखों), तुम्हें भेड़ों (लोगों) को राह दिखानी चाहिये।
    बड़े प्रमुखों, तुम जोर से चिल्लाना आरम्भ करो।
    भेड़ों (लोगों) के प्रमुखों, पीड़ा से तड़पते हुए जमीन पर लेटो।
क्यों क्योंकि अब तुम्हारे मृत्यु के घाट उतारे जाने का समय आ गया है।
मैं तुम्हारी भेड़ें को बिखेरुँगा।
    वे टूटे घड़े के ठीकरों की तरह चारों ओर बिखेरेंगे।
35 गडेरियों (प्रमुखों) के छिपने के लिये कोई स्थान नहीं होगा।
वे प्रमुख बचकर नहीं निकल पाएंगे।
36 मैं गडेरियों (प्रमुखों) का शोर मचाना सुन रहा हूँ।
    मैं भेड़ों (लोगों) के प्रमुखों का रोना सुन रहा हूँ।
यहोवा उनकी चरागाह (देश) को नष्ट कर रहा है।
37 वे शान्त चरागाहें सूनी मरूभूमि सी हैं।
    यह हुआ, क्योंकि यहोवा बहुत क्रोधित है।
38 यहोवा अपनी माद छोड़ते हुए सिंह की तरह खतरनाक है।
    यहोवा क्रोधित है!
यहोवा का क्रोध उन लोगों को चोट पहुँचाएगा।
    उनका देश सूनी मरुभूमि बन जाएगा।

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