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Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)
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भजन संहिता 133-139

दाऊद का आरोहण गीत।

परमेश्वर के भक्त मिल जुलकर शांति से रहे।
    यह सचमुच भला है, और सुखदायी है।
यह वैसा सुगंधित तेल जैसा होता है जिसे हारून के सिर पर उँडेला गया है।
    यह, हारून की दाढ़ी से नीचे जो बह रहा हो उस तेल सा होता है।
    यह, उस तेल जैसा है जो हारून के विशेष वस्त्रों पर ढुलक बह रहा।
यह वैसा है जैसे धुंध भरी ओस हेर्मोन की पहाड़ी से आती हुई सिय्योन के पहाड पर उतर रही हो।
    यहोवा ने अपने आशीर्वाद सिय्योन के पहाड़ पर ही दिये थे। यहोवा ने अमर जीवन की आशीष दी थी।

आरोहण का गीत।

ओ, उसके सब सेवकों, यहोवा का गुण गान करो।
    सेवकों सारी रात मन्दिर में तुमने सेवा की।
सेवकों, अपने हाथ उठाओ
    और यहोवा को धन्य कहो।
और सिय्योन से यहोवा तुम्हें धन्य कहे।
    यहोवा ने स्वर्ग और धरती रचे हैं।

यहोवा की प्रशंसा करो।
यहोवा के सेवकों
    यहोवा के नाम का गुणगान करो।
तुम लोग यहोवा के मन्दिर में खड़े हो।
उसके नाम की प्रशंसा करो।
    तुम लोग मन्दिर के आँगन में खडे हो।
    उसके नाम के गुण गाओ।
यहोवा की प्रशंसा करो क्योंकि वह खरा है।
    उसके नाम के गुण गाओ क्योंकि वह मधुर है।

यहोवा ने याकूब को चुना था।
    इस्राएल परमेश्वर का है।
मैं जानता हूँ, यहोवा महान है।
    अन्य भी देवों से हमारा स्वामी महान है।
यहोवा जो कुछ वह चाहता है
    स्वर्ग में, और धरती पर, समुद में अथवा गहरे महासागरों में, करता है।
परमेश्वर धरती पर सब कहीं मेघों को रचता है।
    परमेश्वर बिजली और वर्षा को रचता है।
    परमेश्वर हवा को रचता है।
परमेश्वर मिस्र में मनुष्यों और पशुओं के सभी पहलौठों को नष्ट किया था।
परमेश्वर ने मिस्र में बहुत से अद्भुत और अचरज भरे काम किये थे।
    उसने फिरौन और उसके सब कर्मचारियों के बीच चिन्ह और अद्भुत कार्य दिखाये।
10 परमेश्वर ने बहुत से देशों को हराया।
    परमेश्वर ने बलशाली राजा मारे।
11 उसने एमोरियों के राजा सीहोन को पराजित किया।
    परमेश्वर ने बाशान के राजा ओग को हराया।
    परमेश्वर ने कनान की सारी प्रजा को हराया।
12 परमेश्वर ने उनकी धरती इस्राएल को दे दी। परमेश्वर ने अपने भक्तों को धरती दी।

13 हे यहोवा, तू सदा के लिये प्रसिद्ध होगा।
    हे यहोवा, लोग तुझे सदा सर्वदा याद करते रहेंगे।
14 यहोवा ने राष्ट्रों को दण्ड दिया
    किन्तु यहोवा अपने निज सेवकों पर दयालु रहा।
15 दूसरे लोगों के देवता बस सोना और चाँदी के देवता थे।
    उनके देवता मात्र लोगों द्वारा बनाये पुतले थे।
16 पुतलों के मुँह है, पर बोल नहीं सकते।
    पुतलों की आँख है, पर देख नहीं सकते।
17 पुतलों के कान हैं, पर उन्हें सुनाई नहीं देता।
    पुतलों की नाक है, पर वे सूँघ नहीं सकते।
18 वे लोग जिन्होंने इन पुतलों को बनाया, उन पुतलों के समान हो जायेंगे।
    क्यों? क्योंकि वे लोग मानते हैं कि वे पुतले उनकी रक्षा करेंगे।

19 इस्राएल की संतानों, यहोवा को धन्य कहो!
    हारून की संतानों, यहोवा को धन्य कहो!
20 लेवी की संतानों, यहोवा को धन्य कहो!
    यहोवा के अनुयायियों, यहोवा को धन्य कहो!
21 सिय्योन का यहोवा धन्य है।
    यरूशलेम में जिसका घर है।

यहोवा का गुणगान करो।

यहोवा की प्रशंसा करो, क्योंकि वह उत्तम है।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
ईश्वरों के परमेश्वर की प्रशंसा करो!
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
प्रभुओं के प्रभु की प्रशंसा करो।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
परमेश्वर के गुण गाओ। बस वही एक है जो अद्भुत कर्म करता है।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
परमेश्वर के गुण गाओ जिसने अपनी बुद्धि से आकाश को रचा है।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
परमेश्वर ने सागर के बीच में सूखी धरती को स्थापित किया।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
परमेश्वर ने महान ज्योतियाँ रची।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
परमेश्वर ने सूर्य को दिन पर शासन करने के लिये बनाया।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
परमेश्वर ने चाँद तारों को बनाया कि वे रात पर शासन करें।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
10 परमेश्वर ने मिस्र में मनुष्यों और पशुओं के पहलौठों को मारा।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
11 परमेश्वर इस्राएल को मिस्र से बाहर ले आया।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
12 परमेश्वर ने अपना सामर्थ्य और अपनी महाशक्ति को प्रकटाया।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
13 परमेश्वर ने लाल सागर को दो भागों में फाड़ा।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
14 परमेश्वर ने इस्राएल को सागर के बीच से पार उतारा।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
15 परमेश्वर ने फ़िरौन और उसकी सेना को लाल सागर में डूबा दिया।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
16 परमेश्वर ने अपने निज भक्तों को मरुस्थल में राह दिखाई।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
17 परमेश्वर ने बलशाली राजा हराए।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
18 परमेश्वर ने सुदृढ़ राजाओं को मारा।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
19 परमेश्वर ने एमोरियों के राजा सीहोन को मारा।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
20 परमेश्वर ने बाशान के राजा ओग को मारा।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
21 परमेश्वर ने इस्राएल को उसकी धरती दे दी।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
22 परमेश्वर ने उस धरती को इस्राएल को उपहार के रूप में दिया।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
23 परमेश्वर ने हमको याद रखा, जब हम पराजित थे।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
24 परमेश्वर ने हमको हमारे शत्रुओं से बचाया था।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
25 परमेश्वर हर एक को खाने को देता है।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
26 स्वर्ग के परमेश्वर का गुण गाओ।
    उसका सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।

बाबुल की नदियों के किनारे बैठकर
    हम सिय्योन को याद करके रो पड़े।
हमने पास खड़े बेंत के पेड़ों पर निज वीणाएँ टाँगी।
बाबुल में जिन लोगों ने हमें बन्दी बनाया था, उन्होंने हमसे गाने को कहा।
    उन्होंने हमसे प्रसन्नता के गीत गाने को कहा।
    उन्होंने हमसे सिय्योन के गीत गाने को कहा।
किन्तु हम यहोवा के गीतों को किसी दूसरे देश में
    कैसे गा सकते हैं!
हे यरूशलेम, यदि मैं तुझे कभी भूलूँ।
    तो मेरी कामना है कि मैं फिर कभी कोई गीत न बजा पाऊँ।
हे यरूशलेम, यदि मैं तुझे कभी भूलूँ।
    तो मेरी कामना है कि
मैं फिर कभी कोई गीत न गा पाऊँ।
    मैं तुझको कभी नहीं भूलूँगा।

हे यहोवा, याद कर एदोमियों ने उस दिन जो किया था।
    जब यरूशलेम पराजित हुआ था,
वे चीख कर बोले थे, इसे चीर डालो
    और नींव तक इसे विध्वस्त करो।
अरी ओ बाबुल, तुझे उजाड़ दिया जायेगा।
    उस व्यक्ति को धन्य कहो, जो तुझे वह दण्ड देगा, जो तुझे मिलना चाहिए।
उस व्यक्ति को धन्य कहो जो तुझे वह क्लेश देगा जो तूने हमको दिये।
    उस व्यक्ति को धन्य कहो जो तेरे बच्चों को चट्टान पर झपट कर पछाड़ेगा।

दाऊद का एक पद।

हे परमेश्वर, मैं अपने पूर्ण मन से तेरे गीत गाता हूँ।
    मैं सभी देवों के सामने मैं तेरे पद गाऊँगा।
हे परमेश्वर, मैं तेरे पवित्र मन्दिर की और दण्डवत करुँगा।
    मैं तेरे नाम, तेरा सत्य प्रेम, और तेरी भक्ति बखानूँगा।
तू अपने वचन की शक्ति के लिये प्रसिद्ध है। अब तो उसे तूने और भी महान बना दिया।
हे परमेश्वर, मैंने तुझे सहायता पाने को पुकारा।
    तूने मुझे उत्तर दिया! तूने मुझे बल दिया।

हे यहोवा, मेरी यह इच्छा है कि धरती के सभी राजा तेरा गुण गायें।
    जो बातें तूने कहीं हैं उन्होंने सुनीं हैं।
मैं तो यह चाहता हूँ, कि वे सभी राजा
    यहोवा की महान महिमा का न करें।
परमेश्वर महान है,
    किन्तु वह दीन जन का ध्यान रखता है।
परमेश्वर को अहंकारी लोगों के कामों का पता है
    किन्तु वह उनसे दूर रहता है।
हे परमेश्वर, यदि मैं संकट में पडूँ तो मुझको जीवित रख।
    यदि मेरे शत्रु मुझ पर कभी क्रोध करे तो उन से मुझे बचा ले।
हे यहोवा, वे वस्तुएँ जिनको मुझे देने का वचन दिया है मुझे दे।
    हे यहोवा, तेरा सच्चा प्रेम सदा ही बना रहता है।
    हे यहोवा, तूने हमको रचा है सो तू हमको मत बिसरा।

संगीत निर्देशक के लिये दाऊद का स्तुति गीत।

हे यहोवा, तूने मुझे परखा है।
    मेरे बारे में तू सब कुछ जानता है।
तू जानता है कि मैं कब बैठता और कब खड़ा होता हूँ।
    तू दूर रहते हुए भी मेरी मन की बात जानता है।
हे यहोवा, तुझको ज्ञान है कि मैं कहाँ जाता और कब लेटता हूँ।
    मैं जो कुछ करता हूँ सब को तू जानता है।
हे यहोवा, इससे पहले की शब्द मेरे मुख से निकले तुझको पता होता है
    कि मैं क्या कहना चाहता हूँ।
हे यहोवा, तू मेरे चारों ओर छाया है।
    मेरे आगे और पीछे भी तू अपना निज हाथ मेरे ऊपर हौले से रखता है।
मुझे अचरज है उन बातों पर जिनको तू जानता है।
    जिनका मेरे लिये समझना बहुत कठिन है।
हर जगह जहाँ भी मैं जाता हूँ, वहाँ तेरी आत्मा रची है।
    हे यहोवा, मैं तुझसे बचकर नहीं जा सकता।
हे यहोवा, यदि मैं आकाश पर जाऊँ वहाँ पर तू ही है।
    यदि मैं मृत्यु के देश पाताल में जाऊँ वहाँ पर भी तू है।
हे यहोवा, यदि मैं पूर्व में जहाँ सूर्य निकलता है जाऊँ
    वहाँ पर भी तू है।
10 वहाँ तक भी तेरा दायाँ हाथ पहुँचाता है।
    और हाथ पकड़ कर मुझको ले चलता है।

11 हे यहोवा, सम्भव है, मैं तुझसे छिपने का जतन करुँ और कहने लगूँ,
    “दिन रात में बदल गया है
    तो निश्चय ही अंधकार मुझको ढक लेगा।”
12 किन्तु यहोवा अन्धेरा भी तेरे लिये अंधकार नहीं है।
    तेरे लिये रात भी दिन जैसी उजली है।
13 हे यहोवा, तूने मेरी समूची देह को बनाया।
    तू मेरे विषय में सबकुछ जानता था जब मैं अभी माता की कोख ही में था।
14 हे यहोवा, तुझको उन सभी अचरज भरे कामों के लिये मेरा धन्यवाद,
    और मैं सचमुच जानता हूँ कि तू जो कुछ करता है वह आश्चर्यपूर्ण है।

15 मेरे विषय में तू सब कुछ जानता है।
    जब मैं अपनी माता की कोख में छिपा था, जब मेरी देह रूप ले रही थी तभी तूने मेरी हड्डियों को देखा।
16 हे यहोवा, तूने मेरी देह को मेरी माता के गर्भ में विकसते देखा। ये सभी बातें तेरी पुस्तक में लिखीं हैं।
    हर दिन तूने मुझ पर दृष्टी की। एक दिन भी तुझसे नहीं छूटा।
17 हे परमेश्वर, तेरे विचार मेरे लिये कितने महत्वपूर्ण हैं।
    तेरा ज्ञान अपरंपार है।
18 तू जो कुछ जानता है, उन सब को यदि मैं गिन सकूँ तो वे सभी धरती के रेत के कणों से अधिक होंगे।
    किन्तु यदि मैं उनको गिन पाऊँ तो भी मैं तेरे साथ में रहूँगा।

19 हे परमेश्वर, दुर्जन को नष्ट कर।
उन हत्यारों को मुझसे दूर रख।
20     वे बुरे लोग तेरे लिये बुरी बातें कहते हैं।
    वे तेरे नाम की निन्दा करते हैं।
21 हे यहोवा, मुझको उन लोगों से घृणा है!
    जो तुझ से घृणा करते हैं मुझको उन लोगों से बैर है जो तुझसे मुड़ जाते हैं।
22 मुझको उनसे पूरी तरह घृणा है!
    तेरे शत्रु मेरे भी शत्रु हैं।
23 हे यहोवा, मुझ पर दृष्टि कर और मेरा मन जान ले।
    मुझ को परख ले और मेरा इरादा जान ले।
24 मुझ पर दृष्टि कर और देख कि मेरे विचार बुरे नहीं है।
    तू मुझको उस पथ पर ले चल जो सदा बना रहता है।

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