Print Page Options
Previous Prev Day Next DayNext

Beginning

Read the Bible from start to finish, from Genesis to Revelation.
Duration: 365 days
Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)
Version
भजन संहिता 9-16

अलामौथ बैन राग पर आधारित दाऊद का पद: संगीत निर्देशक के लिये।

मैं अपने सम्पूर्ण मन से यहोवा की स्तुति करता हूँ।
    हे यहोवा, तूने जो अद्भुत कर्म किये हैं, मैं उन सब का वर्णन करुँगा।
तूने ही मुझे इतना आनन्दित बनाया है।
    हे परम परमेश्वर, मैं तेरे नाम के प्रशंसा गीत गाता हूँ।
जब मेरे शत्रु मुझसे पलट कर मेरे विमुख होते हैं,
    तब परमेश्वर उनका पतन करता और वे नष्ट हो जाते हैं।

तू सच्चा न्यायकर्ता है। तू अपने सिंहासन पर न्यायकर्ता के रुप में विराजा।
    तूने मेरे अभियोग की सुनवाई की और मेरा न्याय किया।
हे यहोवा, तूने उन शत्रुओं को कठोर झिड़की दी
    और हे यहोवा, तूने उन दुष्टों को नष्ट किया।
    उनके नाम तूने जीवितों की सूची से सदा सर्वदा के लिये मिटा दिये।
शत्रु नष्ट हो गया है!
    हे यहोवा, तूने उनके नगर मिटा दिये हैं! उनके भवन अब खण्डहर मात्र रह गये हैं।
    उन बुरे व्यक्तियों की हमें याद तक दिलाने को कुछ भी नहीं बचा है।

किन्तु यहोवा, तेरा शासन अविनाशी है।
    यहोवा ने अपने राज्य को शक्तिशाली बनाया। उसने जग में न्याय लाने के लिये यह किया।
यहोवा धरती के सब मनुष्यों का निष्पक्ष होकर न्याय करता है।
    यहोवा सभी जातियों का पक्षपात रहित न्याय करता है।
यहोवा दलितों और शोषितों का शरणस्थल है।
    विपदा के समय वह एक सुदृढ़ गढ़ है।

10 जो तुझ पर भरोसा रखते,
    तेरा नाम जानते हैं।
हे यहोवा, यदि कोई जन तेरे द्वार पर आ जाये
    तो बिना सहायता पाये कोई नहीं लौटता।

11 अरे ओ सिय्योन के निवासियों, यहोवा के गीत गाओ जो सिय्योन में विराजता है।
    सभी जातियों को उन बातों के विषय में बताओ जो बड़ी बातें यहोवा ने की हैं।
12 जो लोग यहोवा से न्याय माँगने गये,
    उसने उनकी सुधि ली।
जिन दीनों ने उसे सहायता के लिये पुकारा,
    उनको यहोवा ने कभी भी नहीं बिसारा।

13 यहोवा की स्तुति मैंने गायी है: “हे यहोवा, मुझ पर दया कर।
    देख, किस प्रकार मेरे शत्रु मुझे दु:ख देते हैं।
    ‘मृत्यु के द्वार’ से तू मुझको बचा ले।
14 जिससे यहोवा यरूशलेम के फाटक पर मैं तेरी स्तुति गीत गा सकूँ।
    मैं अति प्रसन्न होऊँगा क्योंकि तूने मुझको बचा लिया।”

15 अन्य जातियों ने गड्ढे खोदे ताकि लोग उनमें गिर जायें,
किन्तु वे अपने ही खोदे गड्ढे में स्वयं समा जायेंगे।
    दुष्ट जन ने जाल छिपा छिपा कर बिछाया, ताकि वे उसमें दूसरे लोगों को फँसा ले।
    किन्तु उनमें उनके ही पाँव फँस गये।
16 यहोवा ने जो न्याय किया वह उससे जाना गया कि जो बुरे कर्म करते हैं,
    वे अपने ही हाथों के किये हुए कामों से जाल में फँस गये।

17 वे दुर्जन होते हैं, जो परमेश्वर को भूलते हैं।
    ऐसे मनुष्य मृत्यु के देश को जायेंगे।
18 कभी—कभी लगता है जैसे परमेश्वर दुखियों को पीड़ा में भूल जाता है।
    यह ऐसा लगता जैसे दीन जन आशाहीन हैं।
    किन्तु परमेश्वर दीनों को सदा—सर्वदा के लिये कभी नहीं भूलता।

19 हे यहोवा, उठ और राष्ट्रों का न्याय कर।
    कहीं वे न सोच बैठें वे प्रबल शक्तिशाली हैं।
20 लोगों को पाठ सिखा दे,
    ताकि वे जान जायें कि वे बस मानव मात्र है।

हे यहोवा, तू इतनी दूर क्यों खड़ा रहता है?
    कि संकट में पड़े लोग तुझे नहीं देख पाते।
अहंकारी दुष्ट जन दुर्बल को दु:ख देते हैं।
    वे अपने षड़यन्त्रों को रचने रहते हैं।
दुष्ट जन उन वस्तुओं पर गर्व करते हैं, जिनकी उन्हें अभिलाषा है और लालची जन परमेश्वर को कोसते हैं।
    इस प्रकार दुष्ट दर्शाते हैं कि वे यहोवा से घृणा करते हैं।
दुष्ट जन इतने अभिमानी होते हैं कि वे परमेश्वर का अनुसरण नहीं कर सकते। वे बुरी—बुरी योजनाएँ रचते हैं।
    वे ऐसे कर्म करते हैं, जैसे परमेश्वर का कोई अस्तित्व ही नहीं।
दुष्ट जन सदा ही कुटिल कर्म करते हैं।
    वे परमेश्वर की विवेकपूर्ण व्यवस्था और शिक्षाओं पर ध्यान नहीं देते।
    हे परमेश्वर, तेरे सभी शत्रु तेरे उपदेशों की उपेक्षा करते हैं।
वे सोचते हैं, जैसे कोई बुरी बात उनके साथ नहीं घटेगी।
    वे कहा करते हैं, “हम मौज से रहेंगे और कभी भी दण्डित नहीं होंगे।”
ऐसे दुष्ट का मुख सदा शाप देता रहता है। वे दूसरे जनों की निन्दा करते हैं
    और काम में लाने को सदैव बुरी—बुरी योजनाएँ रचते रहते हैं।
ऐसे लोग गुप्त स्थानों में छिपे रहते हैं,
    और लोगों को फँसाने की प्रतीक्षा करते हैं।
    वे लोगों को हानि पहुँचाने के लिये छिपे रहते हैं और निरपराधी लोगों की हत्या करते हैं।
दुष्ट जन सिंह के समान होते हैं जो
    उन पशुओं को पकड़ने की घात में रहते हैं। जिन्हें वे खा जायेंगे।
दुष्ट जन दीन जनों पर प्रहार करते हैं।
    उनके बनाये गये जाल में असहाय दीन फँस जाते हैं।
10 दुष्ट जन बार—बार दीन पर घात करता और उन्हें दु:ख देता है।
11 अत: दीन जन सोचने लगते हैं, “परमेश्वर ने हमको भुला ही दिया है!
    हमसे तो परमेश्वर सदा—सदा के लिये दूर हो गया है।
    जो कुछ भी हमारे साथ घट रहा, उससे परमेश्वर ने दृष्टि फिरा ली है!”

12 हे यहोवा, उठ और कुछ तो कर!
    हे परमेश्वर, ऐसे दुष्ट जनों को दण्ड दे!
    और इन दीन दुखियों को मत बिसरा!

13 दुष्ट जन क्यों परमेश्वर के विरुद्ध होते हैं?
    क्योंकि वे सोचते हैं कि परमेश्वर उन्हें कभी नहीं दण्डित करेगा।
14 हे यहोवा, तू निश्चय ही उन बातों को देखता है, जो क्रूर और बुरी हैं। जिनको दुर्जन किया करते हैं।
    इन बातों को देख और कुछ तो कर!
दु:खों से घिरे लोग सहायता माँगने तेरे पास आते हैं।
    हे यहोवा, केवल तू ही अनाथ बच्चों का सहायक है, अत: उन की रक्षा कर!

15 हे यहोवा, दुष्ट जनों को तू नष्ट कर दे।
16 तू उन्हें अपनी धरती से ढकेल बाहर कर
17 हे यहोवा, दीन दु:खी लोग जो चाहते हैं वह तूने सुन ली।
    उनकी प्रार्थनाएँ सुन और उन्हें पूरा कर जिनको वे माँगते हैं!
18 हे यहोवा, अनाथ बच्चों की तू रक्षा कर।
दु:खी जनों को और अधिक दु:ख मत पाने दे।
    दुष्ट जनों को तू इतना भयभीत कर दे कि वे यहाँ न टिक पायें।

संगित निर्देशक के लिये दाऊद का पद।

मैं यहोवा पर भरोसा करता हूँ।
    फिर तू मुझसे क्यों कहता है कि मैं भाग कर कहीं जाऊँ?
तू कहता है मुझसे कि, “पक्षी की भाँति अपने पहाड़ पर उड़ जा!”

दुष्ट जन शिकारी के समान हैं। वे अन्धकार में छिपते हैं।
    वे धनुष की डोर को पीछे खींचते हैं।
    वे अपने बाणों को साधते हैं और वे अच्छे, नेक लोगों के ह्रदय में सीधे बाण छोड़ते हैं।
क्या होगा यदि वे समाज की नींव को उखाड़ फेंके?
    फिर तो ये अच्छे लोग कर ही क्या पायेंगे?

यहोवा अपने विशाल पवित्र मन्दिर में विराजा है।
    यहोवा स्वर्ग में अपने सिंहासन पर बैठता है।
यहोवा सब कुछ देखता है, जो भी घटित होता है।
    यहोवा की आँखें लोगों की सज्जनता व दुर्जनता को परखने में लगी रहती हैं।
यहोवा भले व बुरे लोगों को परखता है,
    और वह उन लोगों से घृणा करता है, जो हिसा से प्रीति रखते हैं।
वह गर्म कोयले और जलती हुई गन्धक को वर्षा की भाँति उन बुरे लोगों पर गिरायेगा।
    उन बुरे लोगों के भाग में बस झुलसाती पवन आयेगी
किन्तु यहोवा, तू उत्तम है। तुझे उत्तम जन भाते हैं।
    उत्तम मनुष्य यहोवा के साथ रहेंगे और उसके मुख का दर्शन पायेंगे।

शौमिनिथ की संगत पर संगीत निर्देशक के लिये दाऊद का एक पद।

हे यहोवा, मेरी रक्षा कर!
    खरे जन सभी चले गये हैं।
    मनुष्यों की धरती में अब कोई भी सच्चा भक्त नहीं बचा है।
लोग अपने ही साथियों से झूठ बोलते हैं।
    हर कोई अपने पड़ोसियों को झूठ बोलकर चापलूसी किया करता है।
यहोवा उन ओंठों को सी दे जो झूठ बोलते हैं।
    हे यहोवा, उन जीभों को काट जो अपने ही विषय में डींग हाँकते हैं।
ऐसे जन सोचते है, “हमारी झूठें हमें बड़ा व्यक्ति बनायेंगी।
    कोई भी व्यक्ति हमारी जीभ के कारण हमें जीत नहीं पायेगा।”

किन्तु यहोवा कहता है:
    “बुरे मनुष्यों ने दीन दुर्बलों से वस्तुएँ चुरा ली हैं।
उन्होंने असहाय दीन जन से उनकी वस्तुएँ ले लीं।
    किन्तु अब मैं उन हारे थके लोगों की रक्षा खड़ा होकर करुँगा।”

यहोवा के वचन सत्य हैं और इतने शुद्ध
    जैसे आग में पिघलाई हुई श्वेत चाँदी।
    वे वचन उस चाँदी की तरह शुद्ध हैं, जिसे पिघला पिघला कर सात बार शुद्ध बनाया गया है।
हे यहोवा, असहाय जन की सुधि ले।
    उनकी रक्षा अब और सदा सर्वदा कर!
ये दुर्जन अकड़े और बने ठने घूमते हैं।
किन्तु वे ऐसे होते हैं जैसे कोई नकली आभूषण धारण करता है
    जो देखने में मूल्यवान लगते हैं, किन्तु वास्तव में बहुत ही सस्ते होते हैं।

संगीत निर्देशक के लिये दाऊद का एक पद।

हे यहोवा, तू कब तक मुझ को भूला रहेगा?
    क्या तू मुझे सदा सदा के लिये बिसरा देगा कब तक तू मुझको नहीं स्वीकारेगा?
तू मुझे भूल गया यह कब तक मैं सोचूँ?
    अपने ह्रदय में कब तक यह दु:ख भोगूँ?
कब तक मेरे शत्रु मुझे जीतते रहेंगे?

हे यहोवा, मेरे परमेश्वर, मेरी सुधि ले! और तू मेरे प्रश्न का उत्तर दे!
    मुझको उत्तर दे नहीं तो मैं मर जाऊँगा!
कदाचित् तब मेरे शत्रु यों कहने लगें, “मैंने उसे पीट दिया!”
    मेरे शत्रु प्रसन्न होंगे कि मेरा अंत हो गया है।

हे यहोवा, मैंने तेरी करुणा पर सहायता पाने के लिये भरोसा रखा।
    तूने मुझे बचा लिया और मुझको सुखी किया!
मैं यहोवा के लिये प्रसन्नता के गीत गाता हूँ,
    क्योंकि उसने मेरे लिये बहुत सी अच्छी बातें की हैं।

संगीत निर्देशक के लिये दाऊद का पद।

मूर्ख अपने मनमें कहता है, “परमेश्वर नहीं है।”
    मूर्ख जन तो ऐसे कार्य करते हैं जो भ्रष्ट और घृणित होते हैं।
    उनमें से कोई भी भले काम नहीं करता है।

यहोवा आकाश से नीचे लोगों को देखता है,
    कि कोई विवेकी जन उसे मिल जाये।
    विवेकी मनुष्य परमेश्वर की ओर सहायता पाने के लिये मुड़ता है।
किन्तु परमेश्वर से मुड़ कर सभी दूर हो गये हैं।
    आपस में मिल कर सभी लोग पापी हो गये हैं।
कोई भी जन अच्छे कर्म नहीं कर रहा है!

मेरे लोगों को दुष्टों ने नष्ट कर दिया है। वे दुर्जन परमेश्वर को नहीं जानते हैं।
    दुष्टों के पास खाने के लिये भरपूर भोजन है।
    ये जन यहोवा की उपासना नहीं करते।
ये दुष्ट मनुष्य निर्धन की सम्मति सुनना नहीं चाहते।
    ऐसा क्यों है? क्योंकि दीन जन तो परमेश्वर पर निर्भर है।
किन्तु दुष्ट लोगों पर भय छा गया है।
    क्यों? क्योंकि परमेश्वर खरे लोगों के साथ है।

सिय्योन पर कौन जो इस्राएल को बचाता है? वह तो यहोवा है,
    जो इस्राएल की रक्षा करता है!
यहोवा के लोगों को दूर ले जाया गया और उन्हें बलपूर्वक बन्दी बनाया गया।
    किन्तु यहोवा अपने भक्तों को वापस छुड़ा लायेगा।
    तब याकूब (इस्राएल) अति प्रसन्न होगा।

दाऊद का एक पद।

हे यहोवा, तेरे पवित्र तम्बू में कौन रह सकता है?
    तेरे पवित्र पर्वत पर कौन रह सकता है?
केवल वह व्यक्ति जो खरा जीवन जीता है, और जो उत्तम कर्मों को करता है,
    और जो ह्रदय से सत्य बोलता है। वही तेरे पर्वत पर रह सकता है।
ऐसा व्यक्ति औरों के विषय में कभी बुरा नहीं बोलता है।
    ऐसा व्यक्ति अपने पड़ोसियों का बुरा नहीं करता।
    वह अपने घराने की निन्दा नहीं करता है।
वह उन लोगों का आदर नहीं करता जो परमेश्वर से घृणा रखते हैं।
    और वह उन सभी का सम्मान करता है, जो यहोवा के सेवक हैं।
ऐसा मनुष्य यदि कोई वचन देता है
    तो वह उस वचन को पूरा भी करता है, जो उसने दिया था।
वह मनुष्य यदि किसी को धन उधार देता है
    तो वह उस पर ब्याज नहीं लेता,
और वह मनुष्य किसी निरपराध जन को हानि पहुँचाने के लिये
    घूस नहीं लेता।

यदि कोई मनुष्य उस खरे जन सा जीवन जीता है तो वह मनुष्य परमेश्वर के निकट सदा सर्वदा रहेगा।

दाऊद का एक गीत।

हे परमेश्वर, मेरी रक्षा कर, क्योंकि मैं तुझ पर निर्भर हूँ।
मेरा यहोवा से निवेदन है, “यहोवा,
    तू मेरा स्वामी है।
    मेरे पास जो कुछ उत्तम है वह सब तुझसे ही है।”
यहोवा अपने लोगों की धरती
    पर अद्भुत काम करता है।
    यहोवा यह दिखाता है कि वह सचमुच उनसे प्रेम करता है।

किन्तु जो अन्य देवताओं के पीछे उन की पूजा के लिये भागते हैं, वे दु:ख उठायेंगे।
    उन मूर्तियों को जो रक्त अर्पित किया गया, उनकी उन बलियों में मैं भाग नहीं लूँगा।
    मैं उन मूर्तियों का नाम तक न लूँगा।
नहीं, बस मेरा भाग यहोवा में है।
    बस यहोवा से ही मेरा अंश और मेरा पात्र आता है।
    हे यहोवा, मुझे सहारा दे और मेरा भाग दे।
मेरा भाग अति अद्भुत है।
    मेरा क्षय अति सुन्दर है।
मैं यहोवा के गुण गात हूँ क्योंकि उसने मुझे ज्ञान दिया।
    मेरे अन्तर्मन से रात में शिक्षाएं निकल कर आती हैं।

मैं यहोवा को सदैव अपने सम्मुख रखता हूँ,
    और मैं उसका दक्षिण पक्ष कभी नहीं छोडूँगा।
इसी से मेरा मन और मेरी आत्मा अति आनन्दित होगी
    और मेरी देह तक सुरक्षित रहेगी।
10 क्योंकि, यहोवा, तू मेरा प्राण कभी भी मृत्यु के लोक में न तजेगा।
    तू कभी भी अपने भक्त लोगों का क्षय होता नहीं देखेगा।
11 तू मुझे जीवन की नेक राह दिखायेगा।
    हे यहोवा, तेरा साथ भर मुझे पूर्ण प्रसन्नता देगा।
    तेरे दाहिने ओर होना सदा सर्वदा को आन्नद देगा।

Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)

© 1995, 2010 Bible League International