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Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)
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यहोशू 12-15

इस्राएल के द्वारा राजा हराये गये

12 इस्राएल के लोगों ने यरदन नदी के पूर्व की भूमि पर अधिकार कर लिया। उनके अधिकार में अब अर्नोन की संकरी घाटी से हेर्मोन पर्वत तक की भूमि और यरदन घाटी के पूर्व का सारा प्रदेश था। इस देश को लेने के लिये इस्राएल के लोगों ने जिन राजाओं को हराया उनकी सूची यह है:

हेशबोन नगर में रहने वाला एमोरी लोगों का राजा सीहोन। वह अर्नोन की संकरी घाटी पर अरोएर से लेकर यब्बोक नदी तक के प्रदेश पर शासन करता था। उसका प्रदेश उस दर्रे के मध्य से आरम्भ होता था। अम्मोनी लोगों के साथ यह उनकी सीमा थी। सीहोन गिलाद के आधे प्रदेश पर शासन करता था। वह गिलगाल से मृत सागर (खारा सागर) तक यरदन के पूर्व के प्रदेश पर भी शासन करता था और बेत्यशीमोत से दक्षिण पिसगा की पहाड़ियों तक शासन करता था।

बाशान का राजा ओग रपाई लोगों में से था। ओग अशतारोत और एद्रेई में शासन कर रहा था। ओग हेर्मोन पर्वत, सलका नगर और बाशान के सारे क्षेत्र पर शासन करता था। उसके प्रदेश की सीमा वहाँ तक जाती थी जहाँ गशूर और माका लोग रहते थे। ओग गिलाद के आधे भाग पर भी शासन करता था। इस प्रदेश की सीमा का अन्त हेशबोन के राजा सीहोन के प्रदेश पर होता था।

यहोवा के सेवक मूसा और इस्राएल के लोगों ने इन सभी राजाओं को हराया और मूसा ने उस प्रदेश को रूबेन के परिवार समूह, गाद के परिवार समूह और मनश्शे के परिवार समूह के आधे लोगों को दिया। मूसा ने यह प्रदेश उनको अपने अधिकार में रखने को दिया।

इस्राएल के लोगों ने उस प्रदेश के राजाओं को भी हराया, जो यरदन नदी के पश्चिम में था। यहोशू लोगों को इस प्रदेश में ले गया। यहोशू ने लोगों को यह प्रदेश दिया और इसे बारह परिवार समूहों में बाँटा। यह वह देश था जिसे उन्हें देने के लिये यहोवा ने वचन दिया था। यह प्रदेश लबानोन की घाटी में बालगात और सेईर के निकट हालाक पर्वत के बीच था। इसमें पहाड़ी प्रदेश, पश्चिम का तराई प्रदेश, यरदन घाटी, पूर्वी पर्वत, मरुभूमि और नेगेव सम्मिलित थे। यह वह प्रदेश था जिसमें हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी और यबूसी लोग रहते थे। जिन लोगों को इस्राएल के लोगों ने हराया उनकी यह सूची है:

यरीहो का राजा

ऐ का राजा बेतेल के निकट

10 यरूशलेम का राजा

हेब्रोन का राजा

11 यर्मूत का राजा

लाकीश करा राजा

12 एग्लोन का राजा

गेजेर का राजा

13 दबीर का राजा

गेदेर का राजा

14 होर्मा का राजा

अराद का राजा

15 लिब्ना का राजा

अदुल्लाम का राजा

16 मक्केदा का राजा

बेतेल का राजा

17 तप्पूह का राजा

हेपेर का राजा

18 अपेक का राजा

लश्शारोन का राजा

19 मादोन का राजा

हासोर का राजा

20 शिम्रोन मरोन का राजा

अक्षाप का राजा (एक राजा)

21 तानाक का राजा

मगिद्दो का राजा

22 केदेश का राजा

कर्मेल में योकनाम का राजा

23 दोर के पर्वतों में दोर का राजा

गिलगाल में गोयीम का राजा

24 तिर्सा का राजा

सब मिलाकर इकत्तीस राजा थे।

प्रदेश जो अभी तक नहीं लिये गये

13 जब यहोशू बहुत बूढ़ा हो गया तो यहोवा ने उससे कहा, “यहोशू तुम बूढ़े हो गए हो, लेकिन अभी तुम्हें बहुत सी भूमि पर अधिकार करना है। तुमने अभी तक गशूर लोगों की भूमि और पलिश्तियों की भूमि नहीं ली है। तुमने मिस्र की सीमा पर शिहोर नदी से लेकर उत्तर में एक्रोन की सीमा तक का क्षेत्र नहीं लिया है। वह अभी तक कनानी लोगों का है। तुम्हें राजा, अशदोद, अशकलोन, गत तथा एक्रोन पाँचों पलिश्ती के प्रमुखों को हराना है। तुम्हें उन अब्बी लोगों को हराना चाहिये। जो कनानी प्रदेश के दक्षिण में रहते हैं। तुमने अभी गबाली लोगों के क्षेत्र को नहीं हराया है और अभी बालगाद के पूर्व और हेर्मोन पर्वत के नीचे लबानोन का क्षेत्र भी है।

“सिदोन के लोग लबानोन से मिस्रपोतमैम तक पहाड़ी प्रदेश में रह रहे हैं। किन्तु मैं इस्राएल के लोगों के लिये इन सभी को बलपूर्वक निकाल बाहर करूँगा। जब तुम इस्राएल के लोगों में भूमि बाटों, तो इस प्रदेश को निश्चय ही याद रखो। इसे वैसे ही करो जैसा मैंने कहा है। अब, तुम भूमि को नौ परिवार समूह और मनश्शे के परिवार समूह के आधे में बाँटो।”

प्रदेशों का बटवारा

मैंने मनश्शे के परिवार समूह के दूसरे आधे लोगों को पहले ही भूमि दे दी है। मैंने रूबेन के परिवार समूह तथा गाद के परिवार समूह को भी पहले ही भूमि दे दी है। यहोवा के सेवक मूसा ने यरदन नदी के पूर्व का प्रदेश उन्हें दिया। मूसा ने जो भूमि यरदन नदी के पूर्व में उन्हें दी थी, वह यह है: इस भूमि के अन्तर्गत दीबोन से मेदबा तक का पूरा मैदान आता है। यह भूमि अर्नान संकरी घाटी पर अरोएर से आरम्भ होती है। यह भूमि घाटी के बीच नगर तक लगातार फैली है। 10 एमोरी लोगों का राजा सीहोन जिन नगरों पर शासन करता था, वे इस भूमि में थे। वह राजा हेशबोन नगर में शासन करता था। वह भूमि लगातार उस क्षेत्र तक थी जिसमें एमोरी लोग रहते थे। 11 गिलाद नगर भी उसी भूमि में था। गशूर और माका लगो जिस क्षेत्र में रहते थे वह उसी भूमि में था। सारा हेर्मोन पर्वत और सल्का तक सारा बाशान उस भूमि में था। 12 राजा ओग का सारा राज्य उसी भूमि में था। राजा ओग बाशान में शासन करता था। पहले वह आशतारोत और एद्रेई में शासन करता था। ओग रपाइ लोगों में से था। पहले ही मूसा ने उन लोगों को हराया था और उनका प्रदेश ले लिया था। 13 इस्राएल के लोग गशूर और माका लोगों को बलपूर्वक निकाल बाहर नहीं कर सके। वे लोग अब तक आज भी इस्राएल के लोगों के साथ रहते हैं।

14 केवल लेवी का परिवार समूह ही ऐसा था जिसे कोई भूमि नहीं मिली। उसके बदले उन्हें वे सभी खाद्य भेंटें मिलीं जो इस्राएल के परमेश्वर यहोवा को भेंट के रूप में चढ़ाई जाती थीं। यहोवा ने लेवीवंशियों को इसका वचन दिया था।

15 मूसा ने रूबेन के परिवार समूह से हर एक परिवार समूह को कुछ भूमि दी। यह भूमि है जिसे उन्होंने पायाः 16 अर्नोन की संकरी घाटी के निकट अरोएर से लेकर मेदबा नगर तक की भूमि। इसमें सारा मैदान और दर्रे के बीच का नगर सम्मिलित था। 17 यह भूमि हेशबोन तक लगातार थी। इस भूमि में मैदान के सभी नगर थे। ये नगर दीबोन, बामोतबाल, बेतबाल्मोन, 18 यहसा, कदेमोत, मेपात, 19 किर्यातैम, सिबमा और घाटी में पहाड़ी पर सेरेथशहर, 20 बेतपोर, पिसगा की पहाड़ियाँ और बेत्यशीमोत थे। 21 इस भूमि में मैदान के सभी नगर और एमोरी लोगों के राजा सीहोन ने जिस पर शासन किया था, वह क्षेत्र था। उस राजा ने हेशबोन, पर शासन किया था। किन्तु मूसा ने उसे तथा मिद्यानी लोगों को हराया था। वे लोगों एवी, रेकेम, सूर, हूर और रेबा थे। (ये सभी प्रमुख सीहोन के साथ युद्ध में लड़े थे।) ये सभी प्रमुख उसी देश में रहते थे। 22 इस्राएल के लोगों ने बोर के पुत्र बिलाम को हराया। (बिलाम ने भविष्यवाणी के लिये जादू का उपयोग करने का प्रयत्न किया) इस्राएल के लोगों ने युद्ध में अनेक लोगों को मारा। 23 जो प्रदेश रूबेन को दिया गया था, उसका अन्त यरदन नदी के किनारे पर होता था। इसलिये यह भूमि रूबेन के परिवार समूहों को दी गई, इसमें ये सभी नगर और सूची में लिखे सभी खेत सम्मिलित थे।

24 यह वह भूमि है जिसे मूसा ने गाद के परिवार समूह को दी। मूसा ने यह भूमि प्रत्येक परिवार समूहों को दिया।

25 याजेर का प्रदेश और गिलाद के सभी नगर। मूसा ने उन्हें अम्मोनी लोगों की भूमि का आधा भाग रब्बा के निकट अरोएर तक भी दिया था। 26 इस प्रदेश में हेशबोन से रामतमिस्पे और बेतोनीम के क्षेत्र सम्मिलित थे। इस प्रदेश में महनैम से दबीर तक के क्षेत्र सम्मिलित थे। 27 इसमें बेथारम की घाटी, बेत्रिम्रा, सुक्कोत और सापोन सम्मिलित थे। बाकी का वह सारा प्रदेश जिस पर हेशबोन के राजा सीहोन ने शासन किया था, इसमें सम्मिलित था। यह भूमि यरदन नदी के पूर्व की ओर है। यह भूमि लगातार गलील झील के अन्त तक फैली है। 28 यह सारा प्रदेश वह है जिसे मूसा ने गाद के परिवार समूह को दिया था। इस भूमि में ये सारे नगर थे जो सूची में हैं। मूसा ने वह भूमि हर एक परिवार समूह को दी।

29 यह वह भूमि है जिसे मूसा ने मनश्शे परिवार समूह के आधे लोगों को दिया। मनश्शे के परिवार समूह के लोगों ने यह भूमि पाईः

30 भूमि महनैम से आरम्भ हुई। इसमें वह पूरा बाशान अर्थात् जिस सारे प्रदेश पर बाशान का राजा ओग शासन करता था और बाशान में याइर के सभी नगर सम्मिलित थे। (सब मिलाकर साठ नगर थे।) 31 इस भूमि में आधा गिलाद, अश्तारोत और एद्रेई सम्मिलित थे। (गिलाद, अश्तारोत और एद्रेई वे नगर थे जिसमें ओग रहता था।) यह सारा प्रदेश मनश्शे के पुत्र माकीर के परिवार को दिये गए। इन आधे पुत्रों ने यह प्रदेश पाया।

32 मूसा ने मोआब के मैदान में इन परिवार समूह को यह पूरी भूमि दी। यह यरीहो के पूर्व में यरदन नदी के पार थी। 33 किन्तु मूसा ने लेवी परिवार समूह को कोई भूमि नहीं दी। इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने यह वचन दिया कि वह स्वयं लेवी के परिवार समूह की भेंट के रूप में होगा।

14 याजक एलीआज़ार, नून के पुत्र यहोशू और इस्राएल के परिवार समूह के प्रमुखों ने निश्चय किया कि वे किस भूमि को किन लोगों को दें। यहोवा ने वह ढंग मूसा को बहुत पहले बता दिया था, जिस ढंग से वह चाहता था कि लोग अपनी भूमि चुनें। साढ़े नौ परिवार समूह के लोगों ने कौन सी भूमि वे पाएंगे इसका निश्चय करने के लिये गोटे डालीं। मूसा ने ढाई परिवार समूहों को उनकी भूमि उन्हें यरदन नदी के पूर्व में दे दी थी। किन्तु लेवी के परिवार समूह को अन्य लोगों की तरह कोई भी भूमि नहीं मिली। बारह परिवार समूहों को अपनी निजी भूमि दी गई। यूसुफ के पुत्र दो परिवार समूहों—मनश्शे और एप्रैम में बँट गए थे और हर एक परिवार समूह ने कुछ भूमि प्राप्त की। किन्तु लेवी के परिवार समूह के लोगों को कोई भूमि नहीं दी गई। उनकों रहने के लिये कुछ नगर दिए गए थे और ये नगर प्रत्येक परिवार समूह की भूमि में थे। उन्हें जानवरों के लिए खेत भी दिये गये थे। यहोवा ने मूसा को बता दिया था कि वह किस ढंग से इस्राएल के परिवार समूहों को भूमि दे। इस्राएल के लोगों ने उसी ढंग से भूमि को बाँटा, जिस ढंग से बाँटने के लिये यहोवा का आदेश था।

कालेब को उसका प्रदेश मिलता है

एक दिन यहूदा परिवार समूह के लोग गिलगाल में यहोशू के पास गए। उन लोगों में कनजी यपुन्ने का पुत्र कालेब था। कालेब ने यहोशू से कहा, “कादेशबर्ने में यहोवा ने जो बातें कही थीं। तुम्हें याद है। यहोवा अपने सेवक[a] मूसा से बातें कर रहा था। यहोवा तुम्हारे और हमारे बारे में बातें कर रहा था। यहोवा के सेवक मूसा ने मुझे उस प्रदेश की जाँच के लिये भेजा जहाँ हम लोग जा रहे थे। उस समय मैं चालीस वर्ष का था। जब मैं लौटा तो मूसा को मैंने वह बताया, जो मैं उस प्रदेश के बारे में सोचता था। किन्तु जो अन्य व्यक्ति मेरे साथ गए थे उन्होंने उनसे ऐसी बातें कीं जिससे लोग डर गए। किन्तु मैं ठीक—ठीक विश्वास कर रहा था, कि यहोवा हम लोगों को वह देश लेने देगा। इसलिए मूसा ने वचन दिया, ‘जिस देश में तुम गए थे वह तुम्हारा होगा। वह प्रदेश सदैव तुम्हारे बच्चों का रहेगा। मैं वह प्रदेश तुम्हें दूँगा, क्योंकि तुमने यहोवा मेरे परमेश्वर पर पूरा विश्वास किया है।’

10 “अब, सोचो कि उस समय से यहोवा ने जैसा कहा था उसी प्रकार मुझे पैंतालीस वर्ष तक जीवित रखा है। उस समय हम सब मरुभूमि में भटकते रहे। अब, मैं पचासी वर्ष का हो गया हूँ। 11 मैं अब भी उतना ही शक्तिशाली हूँ जितना शक्तिशाली मैं उस समय था, जब मूसा ने मुझे भेजा था। मैं उन दिनों की तरह अब भी युद्ध करने को तैयार हूँ। 12 इसलिये वह पहाड़ी प्रदेश मुझको दे दो जिसे यहोवा ने बहुत पहले उस दिन मुझे देने का वचन दिया था। उस समय तुमको पता चला था कि वहाँ शक्तिशाली अनाकी लोग रहते हैं और नगर बहुत बड़े और अच्छी प्रकार सुरक्षित थे। किन्तु अब संभव है, यहोवा मेरे साथ है और मैं उस प्रदेश को वैसे ही ले सकूँ जैसा यहोवा ने कहा है।”

13 यहोशू ने यपुन्ने के पुत्र कालेब को आशीर्वाद दिया। यहोशू ने हेब्रोन नगर को उसके अधिकार में दे दिया 14 और वह नगर अब भी कनजी यपुन्ने के पुत्र कालेब के परिवार का है। वह प्रदेश अब तक उसके लोगों का है क्योंकि, उसने इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की आज्ञा मानी और उस पर पूर्ण विश्वास किया। 15 पहले इस नगर का नाम किर्यतर्बा था। नगर का नाम अनाकी लोगों के महानतम अर्बा नामक व्यक्ति के नाम पर रखा गया था।

इसके बाद, उस देश में शान्ति रही।

यहूदा के लिये प्रदेश

15 यहूदा को जो प्रदेश दिया गया वह हर एक परिवार समूह में बँटा। वह प्रदेश एदोम की सीमा तक और दक्षिण में सीन के सिरे पर सीन मरुभूमि तक लगातार फैला हुआ था। यहूदा के प्रदेश की दक्षिणी सीमा मृत सागर के दक्षिणी छोर से आरम्भ होती थी। यह सीमा बिच्छू दर्रा के दक्षिण तक जाती थी और सीन तक बढ़ी हुई थी। तब यह सीमा कादेशबर्ने के दक्षिण तक लगातार गई थी। यह सीमा हेस्रोन के परे अद्दार रक चलती चली गई थी। अद्दार से सीमा मुड़ी थी और कर्काआ तक गई थी। यह सीमा मिस्र के अम्मोन से होती हुई मिस्र की नहर तक लगातार चल कर भूमध्य सागर तक पहुँचती थी। वह प्रदेश उनकी दक्षिणी सीमा थी।

पूर्वी सीमा मृत सागर (खारा समुद्र) के तट से लेकर उस क्षेत्र तक थी, जहाँ यरदन नदी समुद्र में गिरती थी।

उत्तरी सीमा उस क्षेत्र से आरम्भ होती थी जहाँ यरदन नदी मृत सागर में गिरती थी। तब उत्तरी सीमा बेथोग्ला से होती हुई और बेतराबा तक चली गई थी। यह सीमा लगातार बोहन की चट्टान तक गई थी। (बोहन रूबेन का पुत्र था।) तब उत्तरी सीमा आकोर की घाटी से होकर दबीर तक गई थी। वहाँ सीमा उत्तर को मुड़ती थी और गिलगाल तक जाती थी। गिलगाल उस सड़क के पार है जो अदुम्मीम पर्वत से होकर जाती है। अर्थात् स्रोत के दक्षिण की ओर। यह सीमा एनशेमेश जलाशयों के साथ लगातार गई थी। एन रोगेल पर सीमा समाप्त थी। तब यह सीमा यबूसी नगर की दक्षिण की ओर से बेन हिन्नोम घाटी से होकर गई थी। उस यबूसी नगर को (यरूशलेम) कहा जाता था। (उस स्थान पर सीमा हिन्नोम घाटी की उत्तरी छोर पर थी।) उस स्थान से सीमा नेप्तोह के पानी के सोते के पास जाती थी। उसके बाद सीमा एप्रोन पर्वत के निकट के नगरों तक जाती थी। उस स्थान पर सीमा मुड़ती थी और बाला को जाती थी (बाला को किर्यत्यारीम भी कहते हैं।) 10 बाला से सीमा पश्चिम को मुड़ी और सेईर के पहाड़ी प्रदेश को गई। यारीम पर्वत के उत्तर के छोर के साथ सीमा चलती रही (इसको कसालोन भी कहा जाता है) और बेतशमेश तक गई। वहाँ से सीमा तिम्ना के पार गई। 11 तब सिवाना के उत्तर में पहाड़ियों को गई। उस स्थान से सीमा शिक्करोन को मुड़ी और वाला पर्वत के पार गई। यह सीमा लगातार यब्नेल तक गई और भूमध्य सागर पर समाप्त हुई। 12 भूमध्य सागर यहूदा प्रदेश की पश्चिमी सीमा था। इस प्रकार, यहूदा का प्रदेश इन चारों सीमाओं के भीतर था। यहूदा का परिवार समूह इस प्रदेश में रहता था।

13 यहोवा ने यहोशू को आदेश दिया था कि वह यपुन्ने के पुत्र कालेब को यहूदा की भूमि में से हिस्सा दे। इसलिए यहोशू ने कालेब को वह प्रदेश दिया जिसके लिये परमेश्वर ने आदेश दिया था। यहोशू ने उसे किर्यतर्बा का नगर दिया जो हेब्रोन भी कहा जाता था। (अर्बा अनाक का पिता था।) 14 कालेब ने तीन अनाक परिवारों को हेब्रोन, जहाँ वे रह रहे थे, छोड़ने को विवश किया। वे परिवार शेशै, अहीमन और तल्मै थे। वे अनाक के परिवार के थे। 15 कालेब दबीर में रहने वाले लोगों से लड़ा। (भूतकाल में दबीर भी किर्यत्सेपेर कहा जाता था) 16 कालेब ने कहा, “कोई व्यक्ति जो किर्यत्सेपेर पर आक्रमण करेगा और उस नगर को हरायेगा, वही मेरी पुत्री अकसा से विवाह कर सकेगा। मैं उसे अपनी पुत्री को भेंट के रुप में दूँगा।”

17 कालेब के भाई कनजी के पुत्र ओत्नीएल ने उस नगर को हराया। इसलिये कालेब ने अपनी पुत्री अकसा को उसे उसकी पत्नी होने के लिये प्रदान की। 18 ओत्नीएल ने अकसा से कहा कि वह अपने पिता से कुछ अधिक भूमि माँगे। अकसा अपने पिता के पास गई। जब वह अपने गधे से उतरी तो उसके पिता ने उससे पूछा, “तुम क्या चाहती हो?”

19 अकसा ने उत्तर दिया, “मैं आप से एक आशीर्वाद पाना चाहूँगी। मैं पानी वाली भूमि चाहती हूँ जो भूमि हमें आप ने नेगेव में दी है, वह बहुत सूखी है, इसलिए मुझे ऐसी भूमि दें जिस में पानी के सोते हों।” इसलिए कालेब ने उस भूमि के ऊपरी और निचले भाग में सोतों के साथ भूमि दी।

20 यहूदा के परिवार समूह ने उस भूमि को पाया जिसे परमेश्वर ने उन्हें देने का वचन दिया था। हर एक परिवार समूह ने भूमि का भाग पाया।

21 यहूदा के परिवार समूह ने नेगेव के दक्षिणी भाग के सभी नगरों को पाया। ये नगर एदोम की सीमा के पास थे। यह उन नगरों की सूची हैः

कबसेल, एदेर, यागूर, 22 कीना, दीमोना, अदादा, 23 केदेश, हासोर, यित्नान, 24 जीप, तेलेम, बालोत, 25 हासोर्हदत्ता, करिय्योत—हेस्रोन (हासोर भी कहा जाता था।), 26 अमाम, शमा, मोलादा, 27 हसर्गद्दा, हेशमोन, बेत्पालेत, 28 हसर्शूआल, बेर्शेबा, बिज्योत्या, 29 बाला, इय्यीम, एसेम 30 एलतोलद, कसील, होर्मा, 31 सिकलग, मदमन्ना, सनसन्ना, 32 लबाओत, शिल्हीम, ऐन तथा रिम्मोन। सब मिलाकर उन्तीस नगर और उनके सभी खेत थे।

33 यहूदा के परिवार समूह ने पश्चिमी पहाड़ियों की तलहटी में भी नगर पाए। उन नगरों की सूची यहाँ है:

एशताओल, सोरा, अशना, 34 जानोह, एनगन्नीम, तप्पूह, एनाम, 35 यर्मूत, अदुल्लाम, सोको, अजेका, 36 शारैम, अदीतैम और गदेरा (गदेरोतैम भी कहा जाता था)। सब मिलाकर वहाँ चौदह नगर और उनके सारे खेत थे।

37 यहूदा के परिवार को ये नगर भी दिये गये थेः

सनान, हदाशा, मिगदलगाद, 38 दिलान, मिस्पे, योक्तेल, 39 लाकीश, बोस्कत, एगलोन, 40 कब्बोन, लहमास, कितलीश, 41 गेदोरेत, बेतदागोन, नामा, और मक्केदा। सब मिलाकर वहाँ सोलह नगर और उनके सारे खेत थे।

42 अन्य नगर जो यहूदा के लोग पाए वे ये थे:

लिब्ना, ऐतेर, आशान, 43 यिप्ताह, अशना, नसीब, 44 कीला, अकजीब और मारेशा। सब मिलाकर ये नौ नगर और उनके सारे खेत थे। 45 यहूदा के लोगों ने एक्रोन नगर और निकट के छोटे नगर तथा सारे खेत भी पाए। 46 उन्होंने एक्रोन के पश्चिम के क्षेत्र, सारे खेत और अशदोद के निकट के नगर भी पाए। 47 अशदोद की चारों ओर के क्षेत्र और वहाँ के छोटे नगर यहूदा प्रदेश के भाग थे। यहूदा के लोगों ने गाजा के चारों ओर के क्षेत्र, खेत और नगर प्राप्त किये। उनका प्रदेश मिस्र की सीमा पर बहने वाली नदी तक था और उनका प्रदेश भूमध्य सागर के तट के सहारे लगातार था। 48 यहूदा के लोगों को पहाड़ी प्रदेश में भी नगर दिये गए। यहाँ उन नगरों की सूची हैः शामीर, यत्तीर, सोको, 49 दन्ना, किर्यत्सन्ना (इसे दबीर भी कहते थे), 50 अनाब, एशतमो, आनीम, 51 गोशेन, होलोन और गीलो सब मिलाकर ग्यारह नगर और उनके खेत थे।

52 यहूदा के लोगों को ये नगर भी दिये गे थे:

अराब, दूमा, एशान, 53 यानीम, बेत्तप्पूह, अपेका, 54 हुमता, किर्यतर्बा (हेब्रोन) और सीओर ये नौ नगर और इनके सारे खेत थे:

55 यहूदा के लोगों को ये नगर भी दिये गये थे:

माओन, कर्मेल, जीप, यूता, 56 यिज्रेल, योकदाम, जानोह, 57 कैन, गिबा और तिम्ना। ये सभी दस नगर और उनके सारे खेत थे।

58 यहूदा के लोगों को ये नगर भी दिए गए थे:

हलहूल, बेतसूर, गदोर, 59 मरात, बेतनोत और एलतकोन सभी छ: नगर और उनके सारे खेत थे।

60 यहूदा के लोगों के दो नगर रब्बा और किर्यतबाल (इसे किर्यत्यारीम भी कहा जाता था।) दिए गए थे।

61 यहूदा के लोगों को मरुभूमि में नगर दिये गये थे। उन नगरों की सूची यह है:

बेतराबा, मिद्दीन, सकाका, 62 निबशान, लवण नगर और एनगादी। सब मिलाकर छः नगर और उनके सारे खेत थे।

63 यहूदा की सेना यरूशलेम में रहने वाले यबूसी लोगों को बलपूर्वक बाहर करने में समर्थ नहीं हुई। इसलिए अब तक यबूसी लोगो यरूशलेम में यहूदा लोगों के बीच रहते हैं।

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