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भजन संहिता 57 Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)

संगीत निर्देशक के लिये ‘नाश मत कर’ नामक धुन पर उस समय का दाऊद का एक भक्ति गीत जब वह शाऊल से भाग कर गुफा में जा छिपा था।

57 हे परमेश्वर, मुझ पर करूणा कर।
    मुझ पर दयालु हो क्योंकि मेरे मन की आस्था तुझमें है।
मैं तेरे पास तेरी ओट पाने को आया हूँ।
    जब तक संकट दूर न हो।
हे परमेश्वर, मैं सहायता पाने के लिये विनती करता हूँ।
    परमेश्वर मेरी पूरी तरह ध्यान रखता है।
वह मेरी सहायता स्वर्ग से करता है,
    और वह मुझको बचा लेता है।
जो लोग मुझको सताया करते हैं, वह उनको हराता है।
    परमेश्वर मुझ पर निज सच्चा प्रेम दर्शाता है।

मेरे शत्रुओं ने मुझे चारों ओर से घेर लिया है।
    मेरे प्राण संकट में है।
वे ऐसे हैं, जैसे नरभक्षी सिंह
    और उनके तेज दाँत भालों और तीरों से
    और उनकी जीभ तेज तलवार की सी है।

हे परमेश्वर, तू महान है।
    तेरी महिमा धरती पर छायी है, जो आकाश से ऊँची है।
मेरे शत्रुओं ने मेरे लिए जाल फैलाया है।
    मुझको फँसाने का वे जतन कर रहे हैं।
उन्होंने मेरे लिए गहरा गड्ढा खोदा है,
    कि मैं उसमें गिर जाऊँ।

किन्तु परमेश्वर मेरी रक्षा करेगा। मेरा भरोसा है, कि वह मेरे साहस को बनाये रखेगा।
    मैं उसके यश गाथा को गाया करूँगा।
मेरे मन खड़े हो!
    ओ सितारों और वीणाओं! बजना प्रारम्भ करो।
    आओ, हम मिलकर प्रभात को जगायें।
हे मेरे स्वमी, हर किसी के लिए, मैं तेरा यश गाता हूँ।
    मैं तेरी यश गाथा हर किसी राष्ट्र को सुनाता हूँ।
10 तेरा सच्चा प्रेम अम्बर के सर्वोच्च मेघों से भी ऊँचा है।
11 परमेश्वर महान है, आकाश से ऊँची,
    उसकी महिमा धरती पर छा जाये।

Hindi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-HI)

2010 by World Bible Translation Center

Psalm 57 New International Version (NIV)

Psalm 57[a]

For the director of music. To the tune of “Do Not Destroy.” Of David. A miktam.[b] When he had fled from Saul into the cave.

Have mercy on me, my God, have mercy on me,
    for in you I take refuge.
I will take refuge in the shadow of your wings
    until the disaster has passed.

I cry out to God Most High,
    to God, who vindicates me.
He sends from heaven and saves me,
    rebuking those who hotly pursue me—[c]
    God sends forth his love and his faithfulness.

I am in the midst of lions;
    I am forced to dwell among ravenous beasts—
men whose teeth are spears and arrows,
    whose tongues are sharp swords.

Be exalted, O God, above the heavens;
    let your glory be over all the earth.

They spread a net for my feet
    I was bowed down in distress.
They dug a pit in my path—
    but they have fallen into it themselves.

My heart, O God, is steadfast,
    my heart is steadfast;
    I will sing and make music.
Awake, my soul!
    Awake, harp and lyre!
    I will awaken the dawn.

I will praise you, Lord, among the nations;
    I will sing of you among the peoples.
10 For great is your love, reaching to the heavens;
    your faithfulness reaches to the skies.

11 Be exalted, O God, above the heavens;
    let your glory be over all the earth.

Footnotes:

  1. Psalm 57:1 In Hebrew texts 57:1-11 is numbered 57:2-12.
  2. Psalm 57:1 Title: Probably a literary or musical term
  3. Psalm 57:3 The Hebrew has Selah (a word of uncertain meaning) here and at the end of verse 6.
New International Version (NIV)

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