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व्यवस्था विवरण 28Awadhi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-AWA)

आसीर्बाद

28 “अगर तू पचे यहोवा आपन परमेस्सर क इ सबइ कानून क मानइ मँ होसियार रहब्या अउर ओका सावधानी स पालन करब्या जेनका मइँ आजु बतावत हउँ तउ यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क धरती क सब रास्ट्रन क ऊपर स्रेस्ठ करी। अगर तू यहोवा आपन परमेस्सर क आदेसन क मनब्या तउ इ सबइ वरदान तोहरे लगे अइहीं अउर तोहार होइहीं:

“तोहरे सहरन अउ खेतन क
    असीसी कीन्ह जाब्या।
तोहरे गदेलन क
    आसीर्बाद दीन्ह जाई।
उ तोहरी भुइँया क
    बढ़िया फसिल क वरदान देइ
अउर तोहरे गोरुअन क
    बच्चन देइ क वरदान देइ।
    तोहरे लगे बहोत स मवेसी अउर भेड़ होइहीं।
यहोवा तू पचन्क बढ़िया अनाज क फसिल
    अउर बहोत जियादा भोजन पावइ क असीसी।
तू पचन्क आसीर्बाद दीन्ह जाई जब तू पचन्क आवई अउर जावई।

“यहोवा तू पचन्क ओन दुस्मनन पइ विजयी बनाई जउन तोहरे खिलाफ होइहीं। तोहार दुस्मन तोहरे खिलाफ एक रस्ता स अइहीं मुला उ पचे तोहरे समन्वा सात ठु राहे मँ पराइ जइहीं।

“यहोवा तू पचन्क खरिहान क आसीर्बाद देइ। तू पचे जउन कछू तू करब्या उ ओकरे बरे आसीर्बाद देइ। उ पचे तोहका उ भुइँया पइ आसीर्बाद देइ जेका यहोवा तोहार परमेस्सर तोहाका दिहेस ह। यहोवा तू पचन्क आपन खास लोग बनाई। यहोवा तू पचन्क इ वचन दिहे अहइ मुला सर्त इ बाटइ कि तू पचे यहोवा आपन परमेस्सर क हुकुमन क माना अउ ओनकइ राहे पइ चला। 10 तब धरती क सबहिं लोग इ लखिहीं कि तू पचे यहोवा क नाउँ स जाना जात अहा अउर उ पचे तोहसे सबन्स डेराइ जइहीं।

11 “अउर यहोवा तू पचन्क बहोत स बढ़िया चीज देइ। उ तू पचन्क बहोत स गदेलन देइ। उ तू पचन्क बहोत स गोरु अउ बछवन क देइ। उ उ देस मँ बहोत-स बढ़िया फसिल देइ जेका उ पचे तोहरे पुरखन क देइ क वचन दिहे रहेन। 12 यहोवा सरग मँ आपन भण्डार खोलि देइ। उ आपन वरदान स तोहरी भुइँया बरे ठीक समइ पइ बर्खा देइ। यहोवा जउन कछू तू पचे करब्या ओकरे बरे आसीर्बाद देइ अउर बहोत स रास्ट्रन क कर्ज देइ बरे तोहरे पचन्क लगे धन होइ। मुला तू पचन्क ओन से कछू उधार लेइ क जरुरत नाहीं होइ। 13 यहोवा तू पचन्क मूँड़ बनाई, पूँछ नाहीं। तू पचे चोटी पइ होब्या, तलहटी पइ नाहीं। इ तब होइ जब तू पचे यहोवा आपन परमेस्सर क ओन आदेसन पइ धियान देब्या जेनका मइँ आजु तू पचन्क देत अहउँ। 14 तू पचन्क ओन सिच्छन मँ स कउनो क उपेच्छा नाहीं करइ चाही जेनका मइँ आजु तू पचन्क देत हउँ। तू पचन्क ऍनसे दाई या बाईर् कइँती नाहीं जाइ चाही। तू पचन्क उपासना बरे दूसर देवतन क पाछे नाहीं चलइ चाही।

अभिसाप

15 “अगर तू यहोवा आपन परमेस्सर क जरिये कही गइ बातन पइ धियान नाहीं देत्या अउर आजु मइँ जउने आदेसन अउ नेमन क बतावत अहउँ, होसियारी स पालन नाहीं करत्या तउ इ सबइ अभिसाप तू पचन्प अइहीं।

16 “तोहका तोहरे सहरन अउर मइदानन मँ
    अभिसापित कीन्ह जाइ।
17 यहोवा तोहरी टोकरियन अउ बर्तनन क अभिसापित करी।
    अउ तू पचन्क काफी भोजन नाहीं मिली।
18 तू पचन्क गदेलन
    अभिसाप पइहीं।
तोहरी धरती क फसलन
    तोहरे गोरुअन क बछवन
अउ तोहरे झुण्डे क बच्चन
    अभिसाप पइहीं।
19 तू आपन आवइ
    अउर जावइ पइ अभिसापित कीन्ह जाब्या।

20 “अगर तू पचे बुरा काम करब्या अउर आपन यहोवा स मुँह फेर लेब्या, तउ तू पचे अभिसाप पउब्या। तू पचे जउन कछू करब्या ओहमाँ तू पचन्क क अव्यवस्था अउ फटकार क सामना करइ क होइ। उ इ तब तलक करी जब तलक तू पचे हाली स अउ पूरी तरह स बरबाद नाहीं होइ जात्या। 21 अगर तू पचे यहोवा क हुकुम नाहीं मनत्या तउ उ तू पचन्क तब तलक महामारी स दुखी करत रही जब तलक तू उ देस मँ पूरी तरह बरबाद नाहीं होइ जात्या जेहमाँ तू पचे रहइ बरे प्रवेस करत अहा। 22 यहोवा तू पचन्क रोग स दुखी अउ दुर्बल होइ क दण्ड देइ। तू पचन्क बोखार अउ सूजन होइ। यहोवा तोहरे लगे भयंकर गमीर् पठइ अउर तोहरे हिआँ बर्खा नाहीं होइ। तोहार फसलन गमीर् अउ रोग [a] स बरबाद होइ जइहीं। तू पचन्प इ सबइ मुसीबतन तब तलक अइहीं जब तलक तू पचे मर नाहीं जात्या। 23 अकासे मँ कउनो बादल नाहीं रही अउर आकास काँसा सरीखा होइ जाइ। अउर तोहरे पचन्क खाले धरती लोहा क सरीखा होइ। 24 बर्खा क बदले यहोवा तोहरे पास अकासे स रेत अउ धूरि पठइ। इ तोहे सबन पइ तब तलक आइ जब तलक तू पचे बरबाद नाहीं होइ जात्या।

25 “यहोवा तोहरे पचन्क दुस्मनन क जरिये तू पचन्क हराइ। तू पचे आपन दुस्मनन क खिलाफ एक राहे स जाब्या अउर ओनके समन्वा स सात ठु राहे स पराइ जाब्या। तोहरे सबन क ऊपर जउन मुसीबतन अइहीं उ सबइ सारी धरती क लोगन क डेरवाइ देइहीं। 26 तोहार पचन्क क ल्हासियन क सबइ जंगली जनावर अउ पंछियन क चारा बनिहीं। कउनो मनई ओनका डेराइके तोहरी ल्हासियन स पराइवाला न होइ।

27 “अगर तू यहोवा क हुकुम क नाहीं मनत्या तउ उ तू पचन्क वइसेन फोड़ा होइ क सजा देइ जइसे फोड़न क उ मिस्री लोगन पइ पठए रहा। उ तू पचन्क ला-इलाज सूजन, पीड़ा युक्त फोड़न अउ खजुरी स दुःखी करी। 28 यहोवा तू पचन्क पागल बनाइके सजा देइ। उ तू पचन्क आँधर बनाइ अउ उलझन मँ डाइ देइ। 29 तू पचन्क दिन क प्रकास मँ आँधर क नाई आपन राह टटोलइ क होइ। तू पचे जउन कछू करब्या ओहमाँ तू पचे असफल रहब्या। लोग तू पचन्प बार बार प्रहार करिहीं अउर तोहार चिजियन क चोरइहीं। तू पचन्क बचावइवाला हुआँ कउनो भी न होइ।

30 “तोहार बियाह कउनो मेहरारु क संग पक्का होइ सकत ह, मुला कउनो दूसर मनई ओकरे संग बलत्कार करी। तू पचे कउनो घर बनाइ सकत ह, मुला तू पचे ओहमाँ रहब्या नाहीं। तू पचे अंगूरे क बगिया लगाइ सकत ह, मुला एहसे कछू भी बटोर नाहीं सकत्या। 31 तोहार बर्धा तोहरी आँखिन क समन्वा मारा जाइ मुला ओकर कछू भी गोस नाहीं खाइ सकत्या। तोहार पचन्क गदहा तू पचन्स जबरदस्ती हरिके लइ जावा जाइ इ तू पचन्क लउटा नाहीं जाइ। तोहार पचन्क भेड़ तोहरे दुस्मनन क दइ दीन्ह जइहीं। तोहार पचन्क क रच्छक कउनो भी मनई न होइ।

32 “तोहार पचन्क पूतन अउ बिटियन दूसर जाति क मनइयन क दइ दीन्ह जइहीं। तोहार अखियन गदेलन क निहारइ बरे सारे दिन टकटकी लगाए रइहीं काहेकि तू पचे गदेलन क लखइ चहब्या। मुला तू पचे जोहत जोहत कमजोर होइ जाब्या, तू पचे असहाय होइ जाब्या।

33 “उ रास्ट्र जेका तू पचे नाहीं जनत्या, तोहरे पसीना क कमाई क फसिल खाब्या अउ आनन्दित होब्या। तोहार संग सदा दुरव्यवहार अउ दुरुपयोग कीन्ह जाब्या। 34 जउन चिजियन क तू लखब तोहका दीवाना बनाइ देब। 35 यहोवा तू पचन्क दर्दवाला फोड़न क सजा देइ। इ सबइ फोड़न तोहरे घुटनन अउ गोड़न पइ होइहीं। उ सबइ तोहरे पचन्क क तलवा स लइके मूड़े क ऊपर तलक फइल जइहीं अउर तोहार पचन्क इ फोड़न भरिहीं जाहीं।

36 “यहोवा तू पचन्क अउ तोहरे राजा जेका तू आपन बरे चुनेस ह, क उ रास्ट्र म पठइ जेका तू पचे नाहीं जानत होब्या। तू पचे अउ तोहार पुरखन उ रास्ट्र क कबहुँ नाहीं लखे होइहीं। हुआँ तू पचे काठ अउ पाथर क बने भए दूसर देवतन क पूजब्या। 37 जउने देसन मँ यहोवा तू पचन्क पठइ ओन देसन क लोग तू लोगन पइ आइ भइ मुसीबतन क सुनिके हक्का बक्का रहि जइहीं। उ पचे तोहार हंसी उड़इहीं अउर तोहार निन्दा करिहीं।

विफल होइ क अभिसाप

38 “तू पचे आपन खेतन मँ बोवइ बरे जरुरत स जियादा बहोत जियादा बिआ लइ जाब्या। मुला तोहार उपज कमती होइ। काहेकि टिड्डियन तोहार फसिल चाट जइहीं। 39 तू पचे अंगूरे क बगिआ लगउब्या अउ ओहमाँ कठिन मेहनत करब्या। मुला तू पचे ओहमाँ स अंगूर बटोरब्या नाहीं अउ न ही ओनसे दाखरस पीब्या। काहेकि ओनका किरवन खाइ लेइहीं। 40 तोहरी सारी भुइँआ मँ जइतून क बृच्छ होइहीं। मुला तू पचे ओकरे कछू भी तेले क उपयोग नाहीं कइ सकब्या। काहेकि तोहरे जइतून क बृच्छ आपन फलन क बरबाद होइ बरे गिराइ देइहीं। 41 तोहरे पचन्क पूतन अउ बिटियन होइहीं, मुला तू पचे ओनका आपन लगे नाहीं रख सकब्या। काहेकि उ पचे धरिके दूर लइ जावा जइहीं। 42 टिड्डियन तोहरे सबहिं खेतन अउ फलन क नास कइ देइहीं। 43 तोहरे बीच रहइवाले विदेसी जियादा स जियादा सक्ती बढ़ावत जइहीं अउर तू पचन मँ जउन भी सक्ती बाटइ ओका खोवत जाब्या। 44 उ पचे तोहका उधार देइ, मुला तू पचन्क ओका उधार देइ क जोग्ग धन नाहीं होइ। उ पचे मूँड़े क नाईं होइ। तू पचे पूँछे क नाई बन जाब्या।

45 “इ सबइ अभिसाप तू पचन्प पड़िहीं। उ पचे तोहार पाछा तब तलक करत रइहीं अउर तू पचन्क गहियाइके धरे रइहीं जब तलक तू पचे बरबाद नाहीं होइ जात्या। काहेकि तू पचे यहोवा आपन परमेस्सर क कही भइ बातन क परवाह नाहीं किह्या। तू पचे ओकरे ओन आदेसन अउ नेमन क नाहीं मान्या जेका उ तू पचन्क दिहस। 46 इ सबइ अभिसाप मनइयन क बतइहीं कि परमेस्सर तू अउर तोहरे पचन्क संतानन क संग सदा ही निआव किहस ह।

47 “यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क बहोत स बरदान दिहस मुला तू पचे ओकर सेवा खुसी स अउ उल्लास स भरे भए हिरदय स नाहीं किह्या। 48 एह बरे तू पचे आपन ओन दुस्मनन क सेवा करब्या जेनका यहोवा, तोहरे पचन्क खिलाफ पठइ। तू पचे भूखा, पिआसा अउर नंगा रहब्या। तोहरे लगे कछू भी न होइ। यहोवा तोहरी गर्दन पइ एक ठु लोहे क जुवा तब तलक धरी जब तलक तू पचन्क बरबाद नाहीं होइ जाइ।

दुस्मन रास्ट्र क अभिसाप

49 “यहोवा तोहरे खिलाफ बहोत दूर स एक रास्ट्र क लिआइ। इ रास्ट्र पृथ्वी क दूसर कइँती स आइ। इ रास्ट्र तोहरे ऊपर अकासे स उतरत उकाब पंछी क नाई हाली स हमला करी। तू पचे इ रास्ट्र क भाखा नाहीं समुझ पउब्या। 50 इ रास्ट्र क मनइयन क चेहरा कठोर होइहीं। उ पचे बुढ़वा लोगन क परवाह न करिहीं। उ पचे नान्ह नान्ह गदेलन पइ भी दयालु नाहीं होइहीं। 51 उ पचे तोहरे गोरुअन क बछवन अउ तोहरी धरती क फसिल तू पचे बरबाद होइ तलक खाइ। उ पचे तोहरे बरे अनाज, नई दाखरस, तेल, तोहरे गोरुअन क बछवन या तोहरे झुण्ड क भेड़ी क बच्चन क नाहीं छोड़िहीं। उ पचे इ तब तलक करत रइहीं जब तलक तू पचे नस्ट नाहीं होइ जात्या।

52 “इ रास्ट्र तोहरे सबहिं सहरन क घेरि लेइ। तू पचे आपन सहरन क चारिहुँ कइँती ऊँची अउ मजबूत देवारे पइ भरोसा रखत अहा। मुला तोहरे देस मँ इ सबइ देवारन हर जगह भहराइ जइहीं। हाँ, उ रास्ट्र तोहरे उ देस क सबहिं सहरन पइ हमला करी जेका यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क देत अहइ। 53 जब तलक तोहार दुस्मन तोहरे सहर क घेरा डाए रही तब तलक तोहार बड़का नोस्कान होत रही। तू पचे ऍतना भूखा रहब्या कि आपन गदेलन क भी खाइ जाब्या। तू पचे आपन पूतन अउ बिटियन क गोस खाब्या जेनका यहोवा तोहार परमेस्सर तू पचन्क दिहे बाटइ।

54 “तोहार बहोत विनम्र सज्जन मनई भी आपन गदेलन, भाइयन, आपन पियारि पत्नी अउ बचे भए गदेलन क संग निर्दयी होइके बेउहार करी। 55 ओकरे लगे आपन सहरन पइ दुस्मन क हमला अउ घेराबन्दी क कारण कछू भी खाइ क नाहीं होइ। एह बरे उ आपन गदेलन क खाइ। मुला उ आपन परिवार क बचे भए सदस्सन क कछू नाहीं देइ!

56 “तोहरे पचन्क बीच सब त जियादा विनम्र अउ सुकुमार मेहरारु भी उहइ करी। अइसी धन्नासेठ अउ सुकुमार मेहरारु भी जउन कहूँ जाइ बरे भुइँया पइ गोड़ भी न रखे होइ। उ आपन पियारा भतार या गदेलन क संग हींसा बँटावइ क विरोध करी। 57 उ जनम क बाद आपन ही गरभ क खेड़ी क खाइ अउ उ गदेला क भी जेका उ जन्मी। उ ओका छिपा रुप स खाइ। काहेकि हुआँ कछू भी खइया क नाहीं बचा बाटइ। इ तब होइ जब तोहार दुस्मन तोहरे सहरन क खिलाफ घेरा डाली अउर बहोत जियादा कस्ट पहोंचाइ।

58 “इ किताबे मँ जेतना सब्दन अउ नेम लिखा बाटेन ओन सबन्क तू पचन्क मानइ चाही। तू पचन्क यहोवा आपन परमेस्सर क सम्मानित अउर महिमामय नाउँ क सम्मान करइ चाही। अगर तू पचे ऍनका नाहीं मनत्या 59 तउ यहोवा तू पचन्क खउफनाक मुसीबत मँ डाइ देइ अउर तोहार सन्तानन खउफनाक मुसीबत उठइहीं अउर ओनका भयंकर रोग होइ जइहीं जउन लम्बे समइ तलक रइहीं 60 यहोवा मिस्र स सबहिं बेरमियन क लिआइ जेनसे तू पचे डेरात अहा। इ सबइ बेरमियन तू लोगन मँ रइहीं। 61 यहोवा ओन बेरमियन अउ अउ परेसानियन क तोहरे बीच लिआइ जउन इ व्यव्सथा क किताब मँ नाहीं लिखी गइ अहइँ। उ इ तब तलक करत रही जब तलक तू पचे नस्ट नाहीं होइ जात्या। 62 तू पचे ऍतना जियादा होइ सकत ह जेतना अकासे मँ तारा अहइँ। मुला तू पचन मँ कछू ही बचा रइहीं। तू पचन्क संग इ काहे होइ? काहेकि तू पचे यहोवा आपन परमेस्सर क बात नाहीं मान्या।

63 “पहिले यहोवा तोहार भलाइ करइ अउ तोहरे रास्ट्र क बढ़ावइ मँ खुस रहा। उहइ तरह यहोवा तू पचन्क नस्ट अउ बरबाद करइ मँ खुस होइ। तू पचे उ देस स बाहेर लइ जावा जाब्या जेका तू पचे आपन बनावइ बरे ओहमाँ प्रवेस करत अहा। 64 यहोवा तू पचन्क पृथ्वी क एक छोरे स दूसर छोर तलक संसार क सबहिं लोगन मँ बिखेर देइ। हुआँ तू पचे दूसर काठ अउ पाथर क देवतन क पूजब्या जेनका तू पचे अउ तोहार पुरखन कबहुँ नाहीं पूजेन।

65 “तू पचन्क ऍन रास्ट्रन क बीच तनिकउ भी सान्ति नाहीं मिली। तू पचन्क आराम क कउनो जगह नाहीं मिली। यहोवा तू पचन्क दिमागन्क सबइ चिन्ता स भरि देइ। तोहार सबन्क आँखिन पथराइ जइहीं। तू पचे आपन क उखड़ा भवा महसूस करब्या। 66 तू पचे संकट मँ रहब्या। तू पचे दिन-रात डेरान रहब्या। सदा ह सन्देह मँ घिरा रहब्या। तू पचे आपन जिन्नगी मँ कबहुँ सुरच्छित नाहीं रहब्या। 67 भिन्सारे तू पचे कहब्या, ‘अच्छा होत, इ साँझ होत।’ साँझ क तू पचे कहब्या, ‘अच्छा होत, इ भिन्सार होत!’ काहेकि उ भय क कारण अउर ओकरे कारण जउन तू पचे लखब्या। 68 यहोवा तू पचन्क जहाजन मँ मिस्र वापस पठइ। मइँ इ कहेउँ कि तू पचे उ जगह पइ दुबारा कबहुँ नाहीं जाब्या। मुला यहोवा तू पचन्क हुआँ पठइ। अउर हुआँ तू पचे आपन क आपन दुस्मनन क हाथे मनसेधु अउ मेहरारू दास क रुप मँ बेचंइ क कोसिस करब्या, मुला कउनो मनई तू पचन्क बेसही नाहीं।”

Footnotes:

  1. व्यवस्था विवरण 28:22 रोग इ हरदा रोग होइ सकत ह जेहसे फसलन क बाल पिअर पड़ जात हीं अउर ओनमाँ दाना आउब रुकि जात ह।
Awadhi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-AWA)

Awadhi Bible: Easy-to-Read Version Copyright © 2005 World Bible Translation Center

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