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भजन संहिता 106Awadhi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-AWA)

106 यहोवा क बड़कई करा।
यहोवा क धन्यवाद करा काहेकि उ उत्तिम अहइ।
    परमेस्सर क पिरेम सदा ही रहत ह।
फुरइ यहोवा केतॅना महान अहइ, एकर बखान कउनो मनई कइ नाहीं सकत।
    परमेस्सर क पूरी बड़कई कउनो नाहीं कइ सकत।
जउन लोग परमेस्सर क आदेस क पालन करत हीं, उ पचे धन्न अहइ।
    उ पचे हमेसा उत्तिम करम करत हीं।

यहोवा, जब तू आपन भगतन पइ कृपा करा मोका याद करा।
    मोर भी उद्धार करइ बरे याद करा।
यहोवा, मोका भी ओन भली बातन मँ हींसा बटावइ द्या
    जेनका तू आपन लोगन बरे करत अहा।
तू आपन रास्ट्रन क संग मोका भी खुस होइ द्या।
    तोह पइ तोहार लोगन क संग मोका भी गर्व करइ द्या।

हम पचे वइसेन ही पाप किहेन ह जइसे हमार पुरखन किहेन ह।
    हम गलत किहेन।
    हम बुरा काम किहे अही।
हे यहोवा, मिस्र मँ हमार पुरखन तोहार अचरज कर्मन स कछू भी नाहीं सीखेन।
    उ पचे तोहरे पिरेम क
अउर तोहार करुणा क याद नाहीं रखेन।
    हमार पुरखन हुआँ लाल सागर क किनारे तोहरे खिलाफ भएन।

मुला परमेस्सर निज नाउँ क कारण ओनका बचाए रहा।
    उ आपन सक्ती क परगट किहेस।
परमेस्सर हुकुम दिहस अउर लाल सागर झुरान होइ गवा।
    उ ओनका उ गहिर समुद्दर स अइसा निकारि चला जइसे कउनो रेगिस्तान होइ।
10 परमेस्सर हमरे पुरखन क ओनकर दुस्मनन स बचाएस।
    उ ओनका आपन दुस्मनन स आजाद किहस।
11 अउर फिन ओनकर दुस्मनन क उहइ सागर क बीच ढँापिके बोर दिहस।
    ओनकर एक दुस्मन बचिके निकर नाहीं पाएस।

12 तब हमार पुरखन परमेस्सर क वचन पइ बिस्सास किहन।
    उ पचे ओकर गुण गाएन।
13 मुला हमार पुरखन ओन बातन क हाली बिसरि गएन जउन परमेस्सर किहे रहा।
    उ पचे परमेस्सर क सम्मति पइ कान नाहीं दिहन।
14 उ पचे दूसर चिजियन क कामना किहेन।
    रेगिस्तान मँ उ पचे परमेस्सर क परखेन।
15 मुला हमार पुरखन जउन कछू भी माँगेन परमेस्सर ओनका दिहस
    मुला परमेस्सर ओनका एक महामारी भी दइ दिहस।
16 लोग मूसा स डाह रखइ लागेन
    अउर हारून स उ पचे डाह रखइ लागेन जउन यहोवा क पवित्तर याजक रहा।
17 एह बरे धरती फट गई अउ दातान क निगल गवा।
    अउर उ अबिराम क समूह क निगल लिहस।
18 फिन आगी ओन
    दुट्ठ लोगन क बारि दिहस।
19 ओ लोग होरब क पहाड़े पइ एक ठु सोना क बछवा बनाएन।
    उ पचे उ मूरति क पूजा करइ लागेन।
20 उ पचे आपन महिमावान परमेस्सर क
    एक घास खाइवाला बछवा क प्रतिमा स बदल डालेन।
21 हमार पुरखन परमेस्सर क बिसरि गएन जउन ओनका मुक्ति दियाए रहा।
    उ पचे परमेस्सर क बिसरि गएन जउन मिस्र मँ अचरज भरा करम किहे रहा।
22 परमेस्सर हाम क देस मँ अचरज भरा करम किहे रहा।
    परमेस्सर लाल सागर क लगे भय विस्मय भरा काम किहे रहा।

23 परमेस्सर ओन लोगन क नस्ट करइ चाहत रहा।
    मुला परमेस्सर क चुना भवा सेवक मूसा,
परमेस्सर क समन्वा ओन लोगन क नास करइ स
    बचाइ बरे बीच मँ आइ गएन।

24 तब ओन लोग उ अद्भुत देस कनान मँ जाइ स मना कइ दिहन।
    उ पचे ओकरे वाचा क बिस्सास नाहीं किहेस।
25 आपन तम्बुअन मँ उ पचे सिकाइत करत रहेन।
    हमार पुरखन परमेस्सर क बात मानइ स नकारेन।
26 तउ परमेस्सर किरिया खाएस
    कि उ पचे रेगिस्तान मँ मरि जइहीं।
27 परमेस्सर किरिया खाएस कि ओनकर सन्तानन क दूसर लोगन क हरावइ देइ।
    परमेस्सर कसम खाएस कि उ हमरे पुरखन क देसन मँ छितराइ।

28 बाद मँ परमेस्सर क लोग “बाल-पिऑर” मँ “बाल” क पूजइ करइ सुरू कइ दिहेन।
    उ पचे उ माँस खाइ लागेन जेका निर्जीव देवतन पइ चढ़ावा ग रहा।
29 यहोवा ओन लोगन क करमन पइ बहोत कोहाइ गवा।
    अउर उ ओन लोगन क खिलाफ महामारी लिआएन।
30 मुला पीनहास बिनती किहस
    अउ परमेस्सर उ बियधि क रोकेस
31 परमेस्सर इ काम क ओकरे बरे आवइवालन
    पीढ़ियन बरे बहोत उत्तिम करम समझेस।

32 लोग मरिबा मँ यहोवा क किरोध भड़काएन,
    अउर ओकरे कारण मूसा स बुरा काम कराएन।
33 उ सबइ लोग मूसा क बहोत उदास किहन।
    तउ मूसा बिना ही बिचारे बोल उठा।

34 तउ उ कनान क रास्ट्र क नस्ट नाहीं किहेस,
    हाँलाकि यहोवा ओनका इ करइ बरे कहे रहा।
35 इस्राएल क लोग दूसर लोगन स हिल मिल गएन,
    अउर उ पचे भी वइसेन काम करइ लागेन जइसे दूसर लोग करत रहेन।
36 उ सबइ दूसर लोग परमेस्सर क जनन बरे फंदा बन गएन।
    परमेस्सर क लोग ओन देवन क पूजइ लागेन जेनकर उ पचे दूसर लोग पूजा करत रहेन।
37 हिआँ तलक कि परमेस्सर क जन आपन ही गदेलन क हत्या करइ लागेन।
    अउर उ पचे ओन गदेलन क ओन दानवन क प्रतिमा पइ अर्पित करइ लागेन।
38 परमेस्सर क लोग निदोर्ख गदेलन क हत्या किहन।
    उ पचे आपन ही गदेलन क मारि डाएन अउर ओनका कनान क देवन क अर्पित किहेन।
    उ पचे खून स धरती क दूसित किहेन।
39 उ पचे आपन कामन स असुद्ध भएन
    अउर आपन कार्यन दुआरा अबिस्सासी बन गए रहेन।
40 परमेस्सर आपन ओन लोगन पइ कोहाइ गवा।
    परमेस्सर ओनसे तंग आइ चुका रहा।
41 तब परमेस्सर आपन ओन लोगन क दूसर जातियन क दइ दिहस।
    परमेस्सर ओन पइ ओनकर दुस्मनन क हुकूमत करवावइ दिहस।
42 ओनकर दुस्मनन ओन पइ अत्याचार किहन
    अउ ओनकर जिअब बहोत कठिन कइ दिहन।
43 परमेस्सर आपन लोगन क बहोत बार बचाएस।
    मुला उ पचे ओनका स मुँह मोड़ लिहन।
    अउर उ पचे अइसी बातन करइ लागेन जेनका उ पचे करइ चाहत रहेन।
    एह बरे उ पचे आपन पाप क कारण हराइ दीन्ह गवा रहेन।
44 मुला जब कबहूँ परमेस्सर क जनन पइ विपद पड़ी उ पचे सदा ही मदद पावइ क परमेस्सर क गोहराएन।
    परमेस्सर हर दाईं ओनकर सबइ पराथना क सुनेस।
45 परमेस्सर सदा आपन करार क याद राखेस।
    परमेस्सर आपन महा पिरेम स ओनका सदा ही सुख चैन दिहस।
46 परमेस्सर ओन लोगन बरे
    दूसर कैदियन क समन्वा दयालुता दिखाएस।
47 यहोवा हमार परमेस्सर, हमार रच्छा किहस।
    परमेस्सर ओन दूसर देसन स हमका ऍकट्ठा कइके लइ आवा,
ताकि हम ओकरे पवित्तर नाउँ क गुणगान कइ सकी;
    तकि हम ओकर बड़कई क गीत गाइ सकी।
48 इस्राएल क परमेस्सर यहोवा क धन्य कहा।
    परमेस्सर सदा ही जिन्दा रहत आवा ह।
उ सदा ही जिन्दा रही।

अउर सबइ जन बोलइँ, “आमीन।”

यहोवा क गुण गावा।

Awadhi Bible: Easy-to-Read Version (ERV-AWA)

Awadhi Bible: Easy-to-Read Version Copyright © 2005 World Bible Translation Center

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